धारीवाल बदलेंगे भाजपा के शहरी विकास के प्लान ! अब ये खेंचा विकास का खाका

धारीवाल बदलेंगे भाजपा के शहरी विकास के प्लान ! अब ये खेंचा विकास का खाका

Suraksha Rajora | Updated: 08 May 2019, 08:00:00 AM (IST) Kota, Kota, Rajasthan, India

शहर की जरूरतों के मुताबिक तैयार होगा विकास...नहीं चलेगी देरी, 275 दिन में तैयार करना होगा Development plan

 

कोटा. शहर का जोनल डवलपमेंट प्लान तैयार करने में अब देरी नहीं चलेगी। यह प्लान तैयार करने के लिए राज्य सरकार ने दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें हर कार्य की समय सीमा तय कर दी गई है। कैसे शहर के विकास का प्लान तैयार करना है, इसके बारे में भी गाइड लाइन तैयार की है।

 

यदि इसके बाद देरी होती है तो संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। इस प्लान में शहर में भविष्य की जरूरतों के मुताबिक विकास का पूरा खाका तैयार होगा। कृषि भू िसे लेकर राजकीय भूमि का उपयोग की दिशा भी तय होगी। कोटा में चम्बल रिवर का प्लान भी इसके तहत तैयार किया जाएगा।

 

कोटा में एक साल पहले जोनल डवलपमेंट प्लान तैयार करने का काम शुरू हुआ था, लेकिन अधिकारियों की सुस्ती के कारण अभी तक यह तैयार नहीं हुआ है। पिछले दिनों स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने सभी शहर के विकास का खाका तैयार करने के निर्देश दिए थे, लोकसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म होने के बाद इस प्लान की समीक्षा की जाएगी।

 

स्थानीय निकाय के उप निदेशक दीप्ति मीणा ने गाइड लाइन के अनुसार यह प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जहां इसके लिए बजट की कमी है वहां के लिए बजट मांगा गया है। जोनल डवलपमेंट प्लान तैयार करने की कुल समयावधि 275 दिन की है। कुल पांच चरणों में यह काम होगा। इसके लिए आउट सोर्सिंग से भी काम होगा।

 

इसलिए बनेगा जोनल प्लान

सभी निकायों में मास्टर प्लान लागू हो गया है। इसके प्रस्तावों व नीतियों को प्रभावी ढंग से क्रियान्विति किए जाने के लिए विस्तृत योजना आवश्यक है। इसी तथ्य को दृष्टिगत रखते हुए राज्य सरकार की ओर से राज्य के सभी नगरीय क्षेत्रों के लिए मास्टर प्लान के क्षेत्र में शामिल नगरीय एवं कृषि भूमि के जोनल डवलपमेंट प्लान तैयार किए जाने का निर्णय हुआ है।

यह होंगे दस चरण

प्रथम चरण : शहर के डाटा संग्रहण, मास्टर प्लान के विद्यमान भू उपयोग तथा सूचना प्रौद्योगिकी द्वारा जीआईएस प्लेटफार्म पर तैयार बेसमेप के आधार पर 90 दिन में जोनल बेसमेप तैयार करना होगा।


दूसरा चरण : राजस्व नक्शे, सरकरी भूमि, प्राकृतिक,भौगोलिक विशेषताओं का समावेश, नगरीय निकाय, वार्ड सीमा आदि के आधार पर जोनल डवलपमेंट के मानचत्रि 30 दिन में आउट सोर्सिंग से तैयार करवाना होगा।

 

तीसर चरण : द्वितीय स्तर तक तैयार बेसमेप का जमीनी मौका का सत्यापन नगर नियोजकर द्वारा 30 दिन में होगा।


चौथा चरण : जोनल बेसमेप को नगर नियोजक द्वारा नगर निगम की सहायता से 30 दिन में तैयार करना होगा।

पांचवा चरण : जोनल डवलपमेंट प्लान का मानचित्र तथा रिपोर्ट तीस दिन में तैयार होगी।


छठा चरण : जोनल डवेपलमेंट प्लान के बारे में आपत्तियां, सुझाव आमंत्रित होंगे 20 दिन में।

सातवां चरण : प्राप्त आपत्तियों, सुझावों का अध्ययन कर प्रारंभिक तथ्यात्मक रिपोर्ट 30 दिन में तैयार होगी।


अठवां चरण : आपत्तियों व सुझावों का निस्तारण कर प्लान को 30 दिन में अंतिम रूप देना होगा।

नवां चरण : जोनल डवलपमेंट प्लान का 15 दिन में राज्य सरकार से अनुमोदन करवान होगा।
दसवां चरण : Zonal development plan का संबंधित नगरीय निकाय प्रकाशन करेगा।

 

जोनल डवलपमेंट प्लान की प्रगति की समीक्षा हो चुकी है। guide line के अनुसार ही तय समय सीमा में जोनल डवलपमेंट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक माह में दो बार इसकी समीक्षा होगी।

दीप्ति मीणा उप निदेशक स्थानीय निकाय

 

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