पहियों वाले कोरोना असाइसोलेट वार्ड में नहीं लगेगी गर्मी

कोटा रेलमंडल ने पहले 512 मरीजों की क्षमता का पहियों पर चलने वाला अस्पताल बनाया, अब इसे कूल रखने का जुगाड़ किया जा रहा है।

By: Jaggo Chand Singh

Updated: 21 May 2020, 02:55 PM IST

कोटा. यात्री रेलगाड़ी के कोचों को आइसोलेशन वार्ड के रूप में तब्दील करने के बाद अब गर्मी में उनका तापमान संतुलित करने के लिए खसखस की टाटी लगाई जा रही है। कोटा मंडल में 2 स्लीपर और 30 सामान्य कोचों को मिलाकर 32 कोच आइसोलेशन में तब्दील किए गए हैं। इनमें 512 मरीज भर्ती किए जा सकेंगे। प्रत्येक कोच में एक केबिन मेडिकल कर्मचारियों के लिए आरक्षित की गई है। एक केबिन में दो ऑक्सीजन सिलेंडर रखने की सुविधा है। हर केबिन में तीन तरह के कचरा पात्र रखे गए हैं। कोच में एक बाथरूम भी बनाया गया है। जिसमें मग्गा, बाल्टी और सेनेटाइजर रखा गया है। बैठने के लिए स्टूल भी रखा गया है और लंबे हैंडिल वाला नल लगाया है। मेडिकल केबिन को प्लास्टिक के पर्दे लगाकर सुरक्षित किया है। सभी खिड़कियों में मच्छर जाली लगाई गई है। डीआरएम पंकज शर्मा और वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता समन्वय के.एस. बक्श के नेतृत्व में यह कार्य किया जा रहा है।
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ये कोच यांत्रिक विभाग के शेड में बनाए गए हैं। अधिकारी-कर्मचारियों की टीम ने लगातार 15 दिन से ज्यादा काम करके पहियो पर चलने वाला आइसोलेशन वार्ड तैयार किया है।

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Jaggo Chand Singh Reporting
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