कोरोना महामारी : पति ने हांगकांग से वीडियोकॉलिंग से दी पत्नी की अंतिम विदाई

कोटा में उपचार के दौरान पत्नी का हुआ था निधन

By: Ranjeet singh solanki

Published: 11 May 2021, 08:30 PM IST

झालावाड़, झालरापाटन । कोरोनाकाल ने कितने परिवारों को बेबसी, निराशा और हताशा में धकेल दिया है। संक्रमण के इस काल में सबसे ज्यादा वह लोग और परिवार है जिनका पूरा परिवार कोरोना की चपेट में आने से अलग-अलग कमरों में क्वारंटीन है। जिससे वह एक दूसरे को देख भी नहीं पा रहे है और ऐसे हालात में नाते रिश्तेदार तक दूरी बनाकर रह रहे है। कोई तीमारदार न होने से उनका सहारा भगवान ही होता है। कोरोना ने जिदंगी जीने के तरीके बदलने के साथ ही मृत्यु होने पर किए जाने वाले सारे क्रिया कर्म भी बदल डाले है। कोरोना संक्रमित के अंतिम संस्कार में मुक्तिधाम में अकेली चिताएं न तीये की बैठक और न हीं उठावना और मोबाइल से ही श्रद्धांजलि की परम्परा हो गई है। ओर तो ओर इससे प्रभावित शव का अंतिम संस्कार भी परिजनों को वर्चुअल दिखाना पड़ रहा है। झालरापाटन के दिवंगत अभय कुमार मेहता के पुत्र शैलेन्द्र कुमार की मृत्यु के एक सप्ताह बाद ही उनकी पुत्री प्रेरणा कोठारी (सीमा) की सोमवार रात कोरोना संक्रमित होने से उपचार के दौरान कोटा के एक चिकित्सालय में मृत्यु हो गई। उसका शव विदेश में ले जाना संभव नहीं होने से परिजनों ने उसके सुसराल वालों की सहमति से अंतिम संस्कार मंगलवार को यहां मुक्तिधाम में किया। प्रेरणा के पति व बच्चे हांगकांग में होने से उनकी इच्छानुसार प्रेरणा के अंतिम संस्कार की क्रिया उन्हें वीडियो कॉलिंग के माध्यम से दिखाकर अंतिम दर्शन कराए गए। मृतक प्रेरणा पिछले दिनों उसके पीहर में भतीजी की शादी में भाग लेने के लिए यहां आई हुई थी। यहां पर उसके कोरोना संक्रमित हो जाने सेे कोटा में उपचार चल रहा था, लेकिन भगवान को कुछ ओर ही मंजूर था जिससे एक सप्ताह में उन्होंने दोनों भाई-बहन को इस दुनिया से जुदा कर दिया।

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