scriptCorona guide line again raised concern, omicorn | किसे बुलाएं और किसको मना करें...जानिए क्या है पूरा मामला | Patrika News

किसे बुलाएं और किसको मना करें...जानिए क्या है पूरा मामला

कोरोना गाइड लाइन ने फिर बढ़ाई चिंता
शादी वाले घरों में आयोजक की परेशानी बढ़ी

कोटा

Updated: January 05, 2022 11:57:40 pm

सांगोद (कोटा). राज्य में बढ़ते कोरोना के ग्राफ के बाद राज्य सरकार की ओर से जारी की गई गाइड लाइन ने फिर शादी ब्याह आयोजकों की परेशानी बढ़ा दी है। आयोजनों में लोगों की संख्या सीमित किए जाने से कई आयोजकों के साथ असमंजस की स्थिति हो गई है। मलमास समाप्ति के बाद इस माह शादियों के बड़ी संख्या में आयोजन प्रस्तावित थे। आयोजकों ने शादी-ब्याह से जुड़ी हर चीज की बुकिंग पहले ही करवा ली। कई ने तो मेहमानों को आमंत्रण पत्र भी भेज दिए, लेकिन अब आयोजन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या सीमित करने से आयोजक पसोपेश में हैं कि किसे बुलाएं और किसको मना करें।
किसे बुलाएं और किसको मना करें...जानिए क्या है पूरा मामला
किसे बुलाएं और किसको मना करें...जानिए क्या है पूरा मामला

मलमास समाप्त होने के बाद इस माह 23 जनवरी को बड़ा सावा रहेगा। जिन घरों में इसी माह शादी-ब्याह के आयोजन प्रस्तावित हैं, उन्होंने एक महिने पहले से आयोजनों को लेकर तैयारी शुरू कर दी थी। हलवाई, केटर्स, बैंडबाजे, डेकोरेशन आदि के साथ कई लोगों ने तो अपने सगे संबंधियों को कार्ड तक भेज दिए। सरकार की ओर से हाल ही जारी गाइड लाइन ने आयोजकों की चिंता बढ़ा दी है। कोरोना संक्रमण के बीच सरकार ने निर्देश जारी करते हुए आयोजन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 100 तक सीमित कर दी है।
तो कैसे होगी पालना
यूं तो आयोजनों में बैंड, हलवाई, डीजे आदि चीजों में पाबंदी नहीं है, लेकिन लोगों की संख्या सीमित करने से आयोजक पसोपेश में हैं। लड़की की शादी है तो सौ से ज्यादा मेहमान तो बारात में हो जाते हैं। ऊपर से स्वयं के सगे संबंधी भी हैं। इसी हिसाब से आयोजकों ने तैयारी भी की थी, लेकिन गाइडलाइन जारी होने के बाद इस माह जिन घरों में आयोजन हैं, वहां आयोजक गाइड लाइन की पालना को लेकर चिंतित दिख रहे हैं।
इन्हें होगा आर्थिक नुकसान
गाइड लाइन से बैंडबाजे, डेकोरेशन, डीजे, फोटो जैसे व्यवसायियों को परेशानी नहीं है, लेकिन हलवाई, केटर्स और टेंट व्यवसायियों की चिंता बढ़ सकती है। आयोजन में सीमित लोग होने से सबसे ज्यादा असर हलवाई, केटर्स व टेंट व्यवसायियों पर पड़ेगा, क्योंकि लोग सीमित रहेंगे तो इनका काम भी सीमित हो जाएगा। पहले पांच-सात सौ लोगों का आयोजन था, अब सौ लोगों का आयोजन होने से इन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

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