रफ्तार के साथ डरा रहा कोरोना

कोटा. कोटा में अनलॉक-2 में कोरोना ने जमकर तांडव मचाया। इस वायरस ने शहर के हर हिस्से में लोगों को संक्रमित किया है। संक्रमितों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो जुलाई के 31 दिनों में 1051 जने इस वायरस से संक्रमित हुए है, यानी प्रतिदिन औसत 34 जने इस वायरस के संक्रमित हुए है। इतना ही नहीं कोटा में 20 जुलाई से संक्रमण की रफ्तार ने पहले के सभी रिकॉर्ड को तोड़ डाला है।

 



By: Abhishek Gupta

Published: 01 Aug 2020, 11:57 AM IST

अभिषेक गुप्ता

कोटा. कोटा में अनलॉक-2 में कोरोना ने जमकर तांडव मचाया। इस वायरस ने शहर के हर हिस्से में लोगों को संक्रमित किया है। संक्रमितों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो जुलाई के 31 दिनों में 1051 जने इस वायरस से संक्रमित हुए है, यानी प्रतिदिन औसत 34 जने इस वायरस के संक्रमित हुए है। इतना ही नहीं कोटा में 20 जुलाई से संक्रमण की रफ्तार ने पहले के सभी रिकॉर्ड को तोड़ डाला है। मात्र 11 दिन में ही तक 666 जने इस वायरस से संक्रमित हुए है, यानी दोगुनी रफ्तार से संक्रमण बढ़ा। प्रतिदिन औसत 60 जने इस वायरस से संक्रमित हुए। जिला प्रशासन ने 20 जुलाई से होम आइसोलेशन की सुविधा शुरू की
थी।

4 गुना बढ़ी रफ्तार...

लॉकडाउन व अनलॉक-1 तक कोटा में कोरोना का संक्रमण काबू में था। आंकड़ों पर गौर करे तो 5 अप्रेल
से 30 जून तक 86 दिन में 669 जने कोरोना संक्रमित मिले थे, यानी औसत 8 जने प्रतिदिन संक्रमितों का आंकड़ा रहा, लेकिन अनलॉक-2 कोरोना का संक्रमण तेजी से फैला। शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रो में भी वायरस का कहर देखने को मिला। जुलाई के 31 दिनों में संक्रमितों का आंकड़ा 669 से बढ़कर 1720 तक जा पहुंचा, यानी जुलाई में संक्रमण की रफ्तार 4 गुना बढ़कर प्रतिदिन 34 जने संक्रमित मिल रहे है। पिछले 7 दिनों के आंकड़ों तो डराने वाले है। 25 से 31 जुलाई के बीच 531 पॉजिटिव केस सामने आ चुके है, यानी
औसत 75 जने प्रतिदिन संक्रमित हुए है।

31 दिन, 15 मौतकोटा में
कोरोना का वायरस बुजुर्ग बीमार मरीजों का काल बन रहा है। खासकर दिल व सांस के तकलीफ से पीडि़त मरीजों को कोरोना शिकार बना रहा है। कोटा में कोरोना काल में अबतक 36 जनों की मौत में से 15 जनों की मौत तो केवल जुलाई के 31 दिनों में हुई है। मृतकों में 32 साल से लेकर 85 साल तक के लोग
सबसे अधिक शिकार हुए है। इनमें सबसे ज्यादा बुजुर्ग लोग शामिल है। इनमें 18 लोग ऐसे है, जिनकी मौत के बाद कोरोना की पुष्टी हुई है। उन्हें कोरोना संक्रमण तक का पता नहीं चला।

कोरोना की चेन तोडऩा जरूरी

जानकारों का मानना है कि समय रहते कोरोना के बढ़ते संक्रमण की चेन तोडऩा जरूरी है, नहीं तो हालत कंट्रोल से बाहर हो सकते है। जिला प्रशासन ने रविवार को एक दिन के लॉकडाउन के आदेश जारी किए है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक दिन लॉकडाउन से कोरोना की चेन नहीं टूट सकती। चेन तोडऩे के लिए 48 घंटों से ज्यादा समय के लिए लॉकडाउन जरूरी है। साथ ही आमजन को भी समय रहते सावधानी बरतनी जरूरी है। सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क लगाने की आदत डालें, ताकि कोरोना की चेन को तोड़ा जा सके। थोड़ी सी भी लापरवाही कोरोना वॉरियर्स, सरकार व जिला प्रशासन की मेहनत पर पानी फेर
सकती है।

इन पांच जगहों से बढ़ रहा खतरा

बाजार:
शहर के बाजार में सबसे अधिक भीड़ होने के कारण लोग सम्पर्क में आने से संक्रमण बढ़ा रहा है। कई दुकानों पर भीड़ होने से दुकानदार वग्राहक मास्क व सोश्यल डिस्टेंसी का पालन नहीं करने से संक्रमित हो रहे है।

बैंक

बैंक खुलने से ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। कई बैंक मर्ज होने से स्थान की समस्या खड़ी हो रही है। इसके चलते बैंकों में ग्राहकों की भीड़ होने से बैंक स्टाफ व ग्राहक संक्रमित हो रहे है।

जेल

जेल में क्षमता से अधिक कैदी भरे हुए है। एक कैदी के संक्रमितहोते ही अन्य सम्पर्क में आने वाले कैदी संक्रमित हो चुके है। इसलिए यह हॉट स्पॉट बन गया है। यहां से अब तक 66 से ज्यादा कैदी पॉजिटिव
आ चुके है। इनके सम्पर्क में आने से पुलिसकर्मी व मेडिकल स्टाफ भी संक्रमित हो रहा है।

नौकरीपेशा

नौकरीपेशा लोग डेली अपडाउन करते है। इससे संक्रमण बढ़ रहा है। लोग एक ही वाहन में सवार होकर अपने गतंव्य तक पहुंच रहे है। ऐसे में कौन संक्रमित हो रहा है। किसी को पता नहीं है।

इनका यह कहना

नए अस्पताल में कैदियों के संक्रमित होने की संख्या अधिक बढऩे से ऑर्थोपेडिक के अलावा 40 बेड का स्कीन वार्ड रिर्जव किया है। इन्हीं वार्डों में उनके इलाज की समुचित व्यवस्था की गई। जैसे कैदी ठीक होते जा रहे है। उन्हें वापस भेजा जा रहा है।

डॉ. सीएस सुशील, अधीक्षक, नए अस्पताल

शहर में कोरोना से संक्रमित मरीजों के लिए होम आइसोलेट की सुविधा दी गई। उनकी मॉनिटरिंग के लिए
सीएचसी व पीएचसी वार एमओआईसी की टीमें लगा रखी है। ये प्रतिदिन मरीजों की मॉनिटरिंग कर रिपोर्ट हमें प्रस्तुत करती है।

डॉ. बीएस तंवर, सीएमएचओ, कोटा

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