कोरोना यूटर्न... सिर व बदन दर्द, डायरिया है तो लापरवाही नहीं बरते

अनलॉक के बाद कोटा में धीरे-धीरे स्कू  ल, कोचिंग खुल गए। कई व्यापारी गतिविधियां भी शुरू हो चुकी है। इससे कोटा में बाहर से आने वाले विद्यार्थी व व्यापारियों का आने-जाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। इससे एक बार फिर शहर में कोरोना का यूटर्न हुआ है।

By: Abhishek Gupta

Updated: 28 Feb 2021, 01:19 PM IST

कोटा. अनलॉक के बाद कोटा में धीरे-धीरे स्कू  ल, कोचिंग खुल गए। कई व्यापारी गतिविधियां भी शुरू हो चुकी है। इससे कोटा में बाहर से आने वाले विद्यार्थी व व्यापारियों का आने-जाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। इससे एक बार फिर शहर में कोरोना का यूटर्न हुआ है। इनमें ज्यादातर बाहर से आने वाले मरीज पॉजिटिव मिल रहे है। डॉक्टर्स की माने तो मरीजों में सिम्टम्स व सीटी स्कैन रिपोर्ट में बड़ा बदलाव सामने आने लगा है। इससे डॉक्टर्स में चिंता है कि ये नए स्ट्रेन के संकेत तो नहीं है। इन दिनों कुछ मरीजों के सीटी स्कैन की पिक्चर में कुछ लक्षण अलग दिखाई दे रहे है। पूर्व में सीटी स्कैन में जी.-जी.-ओ. (ग्राउंड ग्लास ओपेसिटी) बहुत देखने को मिलती थी, जो कि अब नहीं पाई जा रही है। अब वायरल न्यूमोनिया के छोटे-छोटे पेंच एक साथ दोनों फेफड़ों अनेक भागों में देखने को मिल रहे है। पहले सीटी स्कैन में फेफड़ों के नीचले भागों में लक्षण अधिक देखने को मिलते थे, अब ऐसा नहीं है।

पहले ये लक्षण थे, अब ये
पहले कोरोना केस में खांसी, बुखार, गंध का आभास ना होना, सांस में दिक्कत होना था।
अब, गले में दर्द, तेज बदन दर्द, सिर दर्द, चमड़ी के चकते, नाखूनों का रंग नीला व काला होगा, डायरिया होना

नए स्ट्रेन के यह आधार..
जनसंख्या का एक बड़ा भाग कोरोना से संक्रमित हो चुका है। जिससे हर्ड इम्युनिटी विकसित होती है।
वृहत स्तर पर हेल्थ व फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगाया जा चुका है।
नए केस की संख्या में अचानक तेजी का आना।
नए पॉजिटिव केस अधिकांश बाहर से आए हुए है।
सीटी स्कैन की पिक्चर भी भिन्न

चिंता का विषय क्यों....
मौजूदा वैक्सीन की नए स्ट्रेन के विरुद्ध प्रभाविता ज्ञात नहीं है।
उपलब्ध एंटी वायरल दवाइयों की प्रभाविता भी स्पष्ट नहीं है।
यूके व दक्षिण अफ्रीका में कोरोना के नए स्ट्रेन की संक्रामकता अधिक व गंभीरता बहुत अधिक थी।

उपाय
मास्क लगाए
हाथों को सेनेटाइज करते रहे
सोश्यल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
अनावश्यक बाजारों में घूमने से बचें।
अस्पतालों में भीड़ एकत्रित नहीं होने दें।

इनका यह कहना
हमें अब पहले से भी अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। कोरोना के नए लक्षण वाले मरीज भी सामने आ रहे है। उपलब्ध दवाइयों की प्रभाविता के संबंध में निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी। मास्क व सोश्यल डिस्टेंसिंग की कड़ाई से पालन कर किसी भी स्ट्रेन से बचा जा सकता है।
डॉ. मनोज सालूजा, आचार्य, मेडिकल कॉलेज कोटा

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