सेलून व कपड़े धुलाई वालों को मिलेगा राशन का नि:शुल्क गेहूं, सर्वे शुरू

सेलून, कपड़ा धुलाई सहित तरीके से मेहनत व मजदूरी कर अपना व अपने परिवारों का भरण पोषण करने वाले परिवारों को अब सरकार नि:शुल्क गेहूं देगी। इसको लेकर सर्वे शुरू हो गया। यह सर्वे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम की ओर से कराया जा रहा है।

By: Dilip

Published: 23 May 2020, 08:31 PM IST

रावतभाटा. सेलून, कपड़ा धुलाई सहित तरीके से मेहनत व मजदूरी कर अपना व अपने परिवारों का भरण पोषण करने वाले परिवारों को अब सरकार नि:शुल्क गेहूं देगी। इसको लेकर सर्वे शुरू हो गया। यह सर्वे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम की ओर से कराया जा रहा है।
प्रशासन की माने तो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित परिवारों को छोड़कर दैनिक रूप से आजीविका कमाने वाले जिन परिवारों का कोविड-19 के कारण रोजगार छिन गया है। अन्य प्रदेश के जो व्यक्ति मजदूरी कर रहे हैं लेकिन उद्योग धंधे बंद होने से वे अब बेकार हैं। उक्त योजना से लाभान्वित होंगे। इसके तहत उन्हें मई व जून के लिए प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम गेहूं प्रति माह नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में सर्वे ग्राम पंचायत स्तरीय कोर ग्रुप एवं बीएलओ के माध्यम से कराया जा रहा है। वहीं शहरी क्षेत्र में यह सर्वे बीएलओ के माध्यम से कराया जा रहा है।
पीईईओ करेंगे मोनिटरिंग
सर्वे उपखंड की 25 ग्राम पंचायतों में कराया जा रहा है। सर्वे की पीईईओ मोनिटंरिंग कर रहे हैं। प्रत्येक टीम में एक बीएलओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगनी व एएनएम शामिल है। बीएलओ प्रतिदिन की रिपोर्ट संबंधित पीईईओ को देंगे।
इनका चल रहा सर्वे
हेयर सैलून, कपड़े धुलाई, फूटवेयर मरम्मत, घरों में साफ सफाई /खाना बनाने वाले कार्मिक, चौराहे पर सामान बेचने वाले, रिक्शा/ऑटो चालक, पान की दुकान चलाने वाले, रेस्टोरेंट/होटल में वेटर/रसोईया, रद्दी बिनने वाले व्यक्ति, भवन निर्माण कार्यों में नियोजित निर्माण श्रमिक, कोरोना के कारण बंद हुए उद्योगों में लगे श्रमिक, प्राइवेट पब्लिक ट्रांसपोर्ट में कार्यरत ड्राइवर/कंडक्टर, ठेला/रेहड़ी वाले/स्ट्रीट वेडर जो राष्ट्रीय सुरक्षा योजना में शामिल न हो, मैरिज पैलेस, केटरिंग, सिनेमा हॉल, कोचिंग संस्थानों में साफ सफाई, विवाह समारोह में बैंड ढोल बजाने वाले, फर्नीचर, बुक बाइंडर, प्रिटिंग प्रेस में कार्यरत, रंगाई पुताई, पर्यटन गाइड का काम करने वाले, ईट भट्टा में लगे श्रमिक, फूल माला बेचने का काम करने वाले, टायर पंचर, पत्तल दोने, धुमंतू अद्र्धघुमंतु व्यक्ति, गाडिया लुहार, झूले वाले, खेल तमाशा दिखाने वाले/जादू करतब दिखाने वाले, लोक कलाकार, कालबेलिया, कुली, हम्माल, मिट्टी के बर्तन बनाने वाले आदि शामिल हैं।
इन्हें भी किया शमिल
ऐसे व्यक्ति जो अन्य राज्यों से आए हैं लेकिन कोविड-19 के कारण उद्योग धंधे बंद होने से रोजगार विहिन हो गए हैं लेकिन अपने ग्रह राज्य नहीं जा सकते हैं। उन्हें भी शामिल किया गया है।
वर्जन
दैनिक रूप से आजीविका कमाने वाले जिन परिवारों का कोविड-19 के कारण रोजगार छिन गया है। अन्य प्रदेशों के व्यक्ति जो उद्योग धंधे बंद होने से वे अब बेकार हैं। उन सभी का सर्वे कराया जा रहा है।
पन्नालाल बैरवा, ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी, रावतभाटा

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