विद्यार्थी ने नहीं की पढ़ाई, कोर्ट ने स्कूल को दिए फीस लौटाने के आदेश

Rajesh Tripathi

Publish: Jun, 12 2019 07:51:48 PM (IST)

Kota, Kota, Rajasthan, India

कोटा. स्थाई लोक अदालत ने कोर्स नहीं करने के बावजूद फीस के रुपए नहीं लौटाने के मामले में सुधा नर्सिंग स्कूल प्रधानाचार्य एवं प्रशिक्षण केंद्र प्रभारी को विद्यार्थी को 15 दिन में फीस के 40 हजार रुपए लौटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही इस समयावधि में रुपए नहीं लौटाने पर फीस पर 8 फीसदी सालाना की दर से ब्याज भी देना होगा।
अधिवक्ता लोकेश सैनी ने बताया कि महावीर नगर निवासी धीरज मेहरा (27) ने न्यायालय में प्रस्तुत किए परिवाद में बताया कि उसने सुधा नर्सिंग स्कूल तलवंडी के प्रशिक्षण केंद्र प्रभारी को नर्सिंग कोर्स के लिए 40 हजार रुपए जमा कराए थे, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण वह यहां पढ़ाई नहीं कर सका, लेकिन कई बार मांगने के बाद भी उसे फीस नहीं लौटाई गई। इस पर उसने न्यायालय में फीस के 40 हजार रुपए, ब्याज के 5 हजार रुपए एवं न्यायालय खर्च के 10 हजार रुपए दिलवाने की मांग की। इस मामले में न्यायालय ने प्रशिक्षण केंद्र प्रभारी को फीस के 40 हजार रुपए 15 दिवस में लौटाने के आदेश दिए। 15 दिन में राशि नहीं लौटाने पर 8 फीसदी सालाना के हिसाब से ब्याज भुगतान के भी आदेश दिए।

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विद्यार्थियों को समय पर जारी करे प्रमाण पत्र
अदालत ने बुधवार को कोटा वद्र्धमान खुला विश्वविद्यालय के आरएससीआईटी कोर्स के प्रमाण पत्र में देरी के विरोध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कुलपति को समय पर प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए।

स्थाई लोक अदालत में अधिवक्ता लोकेश कुमार सैनी ने जनहित याचिका दायर करते हुए बताया कि आरएससीआईटी कोर्स सरकारी सेवा में जाने के लिए अनिवार्य हो चुका है। जिसके प्रमाण पत्र में दो से तीन महीने की देरी होने से अभ्यर्थियों को कई प्रतियोगी परीक्षाओं से वंचित होना पड़ता है। प्रमाण पत्र समय पर नहीं मिलने पर युवाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अदालत ने कुलपति को परीक्षा के बाद यथाशीघ्र अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र वितरित करने की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।

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