खतरनाक हो रहा कोविड, बदलेगा मेडिकल प्रोटोकॉल

मरीजों में कोरोना वायरस के प्रभाव में भिन्नता देखी जा रही है। कई रोगियों में यह बेहद खतरनाक रूप में सामने आ रहा है। ऐसे में सरकार ने निर्देश दिए हैं कि परिस्थितियों के अनुरूप मेडिकल प्रोटोकॉल में बदलाव करें।

By: Jaggo Singh Dhaker

Published: 20 Nov 2020, 12:02 AM IST

कोटा. कोटा सहित राज्यभर में कोविड का प्रकोप खतरनाक होने पर अब फिर से सरकार का ध्यान कोविड इंतजामों की ओर गया है। जल्द ही कोविड प्रोटोकॉल में बदलाव करने पर विचार किया जा रहा है। राज्य सरकार ने जिलों के अधिकारियों को चेताया है कि त्योहारी सीजन, शादियों, प्रदूषण एवं सर्दी के कारण आगामी समय में संक्रमण तेजी से बढ़ सकता है।
इसे ध्यान में रखते हुए राजकीय एवं निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन एवं आईसीयू बैड सहित अन्य चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। सरकार की ओर मिले निर्देशों के अनुसार कोविड-19 महामारी के इस विकट दौर में जीवन रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे देखते हुए निजी अस्पतालों में भी कोविड रोगियों के लिए बेड की संख्या बढ़ाने के बारे में सरकार विचार कर रही है। निजी अस्पतालों में भी राज्य सरकार की ओर से निर्धारित दरों पर ही इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

मरीजों में कोरोना वायरस के प्रभाव में भिन्नता देखी जा रही है। कई रोगियों में यह बेहद खतरनाक रूप में सामने आ रहा है। ऐसे में सरकार ने निर्देश दिए हैं कि परिस्थितियों के अनुरूप अगर मेडिकल प्रोटोकॉल में बदलाव की आवश्यकता है, तो इसके लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित कर मेडिकल प्रोटोकॉल पर अध्ययन करवाया जाए, ताकि हम कोविड रोगियों को और बेहतर इलाज उपलब्ध करवा सकें।
कई मामलों में सामने आया है कि ऑक्सीजन का स्तर अचानक नीचे जाने से लोगों की मृत्यु हो जाती है। इससे बचाव के लिए नियमित रूप से ऑक्सीजन लेवल जांचना जरूरी है। इसके लिए राज्य सरकार ने प्रदेशभर के एएनएम स्तर तक के चिकित्साकर्मियों को पहले से ही पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध करवाए हैं। अब सभी आशा सहयोगिनियों को भी पल्स ऑक्सीमीटर दिए जाएंगे, ताकि लोग आसानी से अपना ऑक्सीजन लेवल जांच सकें। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के शासन सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि प्रदेश में कोरोना से मृत्युदर 0.91 प्रतिशत है। अब तक प्रदेश में कोविड से 2089 मृत्यु हुई है।

कोरोना तेजी बढ़ रहा है, उपचार की व्यवस्थाएं दुरुस्त करें
कोरोना संक्रमण बढऩे के बाद गुरुवार को जिला कलक्टर उज्ज्वल राठौड़ ने अधिकारियों की बैठक लेकर हालात की समीक्षा की। राजस्थान पत्रिका ने खबर प्रकाशित कर यह मुद्दा उठाया था। पत्रिका की खबर के बाद जिला कलक्टर ने कोरोना पॉजिटिव रोगी जो घर पर आइसोलेट किए गए हैं, उन्हें समय पर इलाज की सुविधा शुरू करने, निरन्तर जांच एवं निगरानी के लिए कार्मिकों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने कहा कि कोरोना की रोकथाम के लिए सभी विभागों को सक्रियता के साथ भागीदारी निभाते हुए टीम भावना के साथ कार्य करना होगा। जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेकर लोगों को जागरूक करने एवं सुविधाओं के विस्तार में सभी अधिकारी स्वप्रेरणा से कार्य करें। उन्होंने लगातार कोरोना पॉजिटिव रोगियों की संख्या बढऩे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे समय में जागरूकता व सतर्कता ही बेहतर प्रभावशाली है। बिना मास्क के घरों से बाहर नहीं निकले तथा अनावश्यक भ्रमण नहीं करें।

लापरवाही पर कार्रवाई करें
कलक्टर ने कहा, पॉजिटिव रोगी अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकलें, यह भी सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही करने वाले नागरिकों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई करें। उन्होंने बाजारों में मास्क व सामाजिक दूरी की अनिवार्यता को लागू करते हुए निरन्तर निगरानी रखने, लापरवाही करने वाले लोगों के खिलाफ जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। चिकित्सा विभाग को नियंत्रण कक्ष को सुचारू रूप से सक्रिय करते हुए होम क्वारंटाइन नागरिकों की सुविधाओं की निगरानी रखने के निर्देश दिए। कलक्टर ने कहा, उपचार की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करें।
नगर निगम दक्षिण के महापौर राजीव अग्रवाल ने आम लोगों की जागरूकता के लिए प्रचार-प्रसार रथों को क्षेत्र में निरन्तर जारी रखने, निजी अस्पतालों में भी कोरोना रोगियों की जांच की मॉनिटरिंग करने की बात कही। नगर निगम उत्तर की महापौर मंजू मेहरा ने कहा कि अधिकारी व जनप्रतिनिधि मिलकर अलग-अलग क्षेत्रों में स्वप्रेरणा से आम लोगों को कोरोना गाइडलाइन की पालना में सावचेत करें।

coronavirus COVID-19
Jaggo Singh Dhaker
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned