16 साल बाद पंजाब के दलजीत को मिला परिवार

. डेढ़ दशक बाद अपने घरवालों को देखा तो आंखों में आंसू छलक आए। परिजन भी अपने बिछड़े सदस्य को देखकर खुशी के आंसू रो पड़े। अपना घर आश्रम संस्था में पिछले सवा साल से रहे दलजीत सिंह को लंबे प्रयासों के बाद 16 वर्षों के बाद अपना परिवार मिला।

By: Jaggo Singh Dhaker

Updated: 27 Nov 2019, 07:12 PM IST

कोटा. डेढ़ दशक बाद अपने घरवालों को देखा तो आंखों में आंसू छलक आए। परिजन भी अपने बिछड़े सदस्य को देखकर खुशी के आंसू रो पड़े। अपना घर आश्रम संस्था में पिछले सवा साल से रहे दलजीत सिंह को लंबे प्रयासों के बाद 16 वर्षों के बाद अपना परिवार मिला।
अपना घर आश्रम के सचिव मनोज जैन अदिनाथ ने बताया कि पिछले वर्ष 13 सितम्बर को कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के बडग़ांव चौकी से पुलिस द्वारा अपना घर आश्रम को सूचना मिली कि कोई लाचार, विमंदित सा दिखने वाला कोई युवक लावारिस अवस्था में पड़ा हुआ है।
इस पर आश्रम के 3 सेवा साथियों को मौके पर एम्बुलेंस भेजी और औपचारिकता पूर्णकर युवक को आश्रम लाया गया। युवक केवल नाम ही बताया पाया। लगातार चले उपचार, बेहतर देखरेख एवं काउंसलिंग का नतीजा ये रहा कि गत शनिवार 23 नवम्बर को दलजीत ने अपने आप को पंजाब के कपूरथला का रहने वाला बताया। आश्रम के पदाधिकारियों ने जिला कलक्टर ओम कसेरा को पूरा मामला बताया तो उन्होंने कपूरथला पुलिस से फ ोन पर बातचीत कर घरवालों को ढूंढने का अनुरोध किया। पंजाब पुलिस ने पंजाबी भाषा में दलजीत से बातचीत की और कपूरथला जिले के सुल्तानपुर क्षेत्र के सार्जसिंह नामक भाई के होने की पुष्टिकर वीडियोकॉलिंग की मदद से घरवालों से दलजीत की बातचीत कराई। घर वालों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा। भाई और अन्य परिजन ट्रेन से बुधवार को कोटा पहुंचे और आश्रम में पदाधिकारियों से मुलाकात कर दस्तावेज प्रस्तुत किए। जैसे ही 30 वर्षीय छोटे भाई सार्जसिंह ने दलजीत को देखा उसकी आंखें से आंसू बहने लग गए। दलजीत के भाई के अनुसार वर्ष 2003 में दलजीत बालों की कटिंग कराने घर से निकला था और फिर गायब हो गया। दलजीत को याद करते करते पिता एवं ***** की मौत भी हो गई, जिसके बारे में दलजीत को अभी नहीं बताया है। उसकी घर पर मां घर पर उसका बेसब्री से इंतजार कर रही है।
जिला कलक्टर ओम कसेरा पिछले 4 दिनों से आश्रम पदाधिकारियों से फीडबैक ले रहे थे और बुधवार उन्होंने आश्रम के पदाधिकारियों एवं दलजीत के परिजनों को कार्यालय बुलाया। कलक्टर ने दलजीत एवं उसके परिजनों का सम्मान शॉल, मोतियों की माला एवं राजस्थानी पगड़ी पहनाकर किया गया। यह सब देख दलजीत के परिजनों ने कलक्टर से कहा, साहब ऐसा कभी नहीं सोचा कि कोटा में इतना अपनापन मिलेगा। जहां के कलक्टर आम लोगों को अपना परिवार मानते हों तो वहां दु:ख-दर्द का अहसास ही नहीं होगा।
इस अवसर पर अपना घर के राष्ट्रीय सचिव राजकुमार शर्मा, अध्यक्ष धर्म नारायण दुबे, सचिव मनोज जैन अदिनाथ, काउंसलर महेंद्र चन्देल आदि उपस्थित रहे।

Jaggo Singh Dhaker
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned