
कोटा. महावीर नगर विस्तार योजना में दिनदहाड़े बुजुर्ग दम्पति पर सरियों से जानलेवा हमला करने का आरोपी राजवीर को पुलिस ने 7 दिन बाद जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है। वारदात को अंजाम देने के बाद राजवीर ने कोटा से जयपुर तक कई ठिकाने बदले। पुलिस सुराग जुटाती और कड़ी-से कड़ी जोड़कर आरोपी तक पहुंचती लेकिन उससे पहले ही वह वहां से फरार हो जाता। सात दिनों तक उसने पुलिस को खूब चकमा दिया। पुलिस ने अपनी रणनीति बदलकर ऐसा जाल बिछाया कि आरोपी खुद-ब-खुद पुलिस के शिकंजे में फंस गया। एएसपी राजेश मील ने बताया कि राजवीर काफी शातिर प्रवृत्ति का है। ऐसे में वह बार-बार अपने ठिकाने बदल रहा था। इसके चलते पुलिस ने उसके रिश्तेदारों, दोस्तों व परिचितों से उसके ठिकानों का पता लगाया।
150 पुलिसकर्मी जुटे, 100 फुटेज खंगाले
दम्पती पर जानलेवा हमले के मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी और एसपी ने पुलिस अधिकारियों की टीमें गठित की। पुलिस टीमें फील्ड में हर सुराग के लिए काम कर रही थी। साइबर टीम ने घटना स्थल के आस-पास के मकानों में लगे कैमरे एवं अभय कमाण्ड सेंटर के करीब 100 से अधिक संदिग्ध सीसीटीवी फुटेज कलेक्ट किए। सीसीटीवी फुटेज व साइबर टीम से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ शुरू की। इसके अलावा पड़ोसियों, पुराने किराएदारों, किराए से मकान देखने आने वालों, परिजनों से पूछताछ की। पुलिस ने करीब 250 लोगों से पूछताछ की।
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चार दिन में पहचान, सात दिन में धरा
पुलिस ने सीसीटीवी व अन्य सबूतों से चार दिन में आरोपी की पहचान छबड़ा के गांव पटना निवासी राजवीर यादव (22) के रूप की। मुलजिम के कोटा से जुड़ाव होने से पुलिस थानों की जीपों के अलावा चेतक वाहन भी आरोपी को शहर के चप्पे-चप्पे में तलाश रहे थे। बस्सी में रिश्तेदार के यहां सिविल ड्रेस में पुलिस तैनात थी। जैसे ही शुक्रवार को राजवीर वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे धरदबोचा।
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आईजी के निर्देशन में चली कार्रवाई
आईजी बिपिन कुमार पाण्डेय ने आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इस पर सिटी एसपी दीपक भार्गव ने एएसपी राजेश मील, सहायक पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन, आरपीएस महावीर प्रसाद शर्मा, महावीर नगर सीआई महेश सिंह, विज्ञान नगर सीआई मुनिन्द्र सिंह, उद्योग नगर सीआई विजय शंकर शर्मा, जवाहर नगर सीआई प्रमेन्द्र रावत के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया। मामले को खोलने के लिए 150 पुलिस अधिकारी व जवान जुटे। साइबर टीम में प्रताप सिंह व टीम ने तकनीकी रूप से आरोपी की पहचान करवाई।