पानी पर नहीं हुआ निर्णय, दोनों राज्य मिलकर तय करेंगे

कोटा से मध्यप्रदेश होकर उत्तरप्रदेश के इटावा को जोडऩे वाले चम्बल एक्सप्रेस-वे पर भी चर्चा हुई। जिसमें राजस्थान में भी कार्य को गति देने का निर्णय लिया गया।

By: Jaggo Singh Dhaker

Published: 27 Jul 2020, 08:29 PM IST

कोटा. चम्बल सिंचित क्षेत्र परियोजना की बैठक सोमवार को सीएडी सभागार में संभागीय आयुक्त कैलाशचंद मीणा व मध्यप्रदेश के चम्बल संभाग के आयुक्त रविन्द्र कुमार मिश्रा की मौजूदगी में हुई। इसमें खरीफ फसल को बचाने के लिए पानी छोडऩे का निर्णय नहीं हो पाया। दोनों राज्य के अधिकारी पहले आंकलन करेंगे उसके बाद निर्णय होगा।
कोटा संभागीय आयुक्त ने कहा कि चम्बल परियोजना राजस्थान व मध्यप्रदेश में सिंचाई का बड़ा स्त्रोत है। इसके सुदृढ़ीकरण व विस्तार के लिए मिलकर कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को इस परियोजना का अधिक से अधिक लाभ मिले। नहरी पानी का छीजत नहीं हो जिससे अंतिम छोर तक के किसान के खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जा सके।
चम्बल संभाग के आयुक्त ने कहा कि परियोजना के तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए समय-समय पर तकनीकी समिति की बैठकें आयोजित कर समस्याएं दूर की जाएं। उन्होंने गैर कृषि कार्य के लिए उपयोग में लिए गए जल से अर्जित लाभ का समायोजन करवाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि खरीफ की फसल में पानी छोडऩे का निर्णय लेते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि रबी की फसल प्रभावित नहीं हो।
नहरों की सफाई हार्वेस्टिंग मशीन से कराए जाने का तकमीना बनाकर राजस्थान द्वारा क्रय की गई मशीन का भागांश मध्यप्रदेश से भुगतान कराया जाएगा। हाड़ौती में खरीफ की फसलों को सूखने से बचाने के लिए पानी छोडऩे के लिए दोनों राज्यों के प्रतिनिधि आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। जिसके आधार पर पानी छोडऩे का निर्णय लिया जाएगा। दांयी मुख्य नहर के सुदृढ़ीकरण के लिए 296.77 करोड़ की द्वितीय चरण की डीपीआर की सहमति मध्यप्रदेश शासन से ली जाएगी। सिंचित क्षेत्र तथा चम्बल की नहरों का तकनीकी सर्वे कर इसके विस्तार और मजबूती के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

चम्बल एक्सप्रेस-वे को गति देगें
बैठक में कोटा से मध्यप्रदेश होकर उत्तरप्रदेश के इटावा को जोडऩे वाले चम्बल एक्सप्रेस-वे पर भी चर्चा की गई। जिसमें राजस्थान में भी कार्य को गति देने का निर्णय लिया गया। भारतमाला परियोजना के इस हाईवे की लम्बाई 394 किलोमीटर है। कोटा के खातौली से गणेशगंज-दीगोद-कोटा को जोड़ेगा। इस परियोजना के बनने से औद्योगिक पर्यटन, कृषि, शिक्षा व सांस्कृतिक विकास तेजी से हो सकेगा। इस अवसर पर जिला कलक्टर श्योपुर राकेश कुमार श्रीवास्तव, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त कोटा प्रियंका गोस्वामी, सीईओ जिला पंचायत श्योपुर राजेश शुक्ला, सहायक कलक्टर श्योपुर नवजीवन विजय, अभियंता जल संसाधन सुभाष गुप्ता, वित्तीय सलाकार टीपी मीणा, सीएडी के अभियंतागण उपस्थित रहे।

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