
बूंदी. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) चित्तौडगढ़़ की टीम ने बुधवार दोपहर को जिला आबकारी अधिकारी व निरीक्षक सहित तीन जनों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। टीम ने पहले डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते जिला आबकारी अधिकारी कमलेश परमार को देवपुरा स्थित उसके घर से रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इसके बाद ब्यूरो की दूसरी टीम ने आबकारी निरीक्षक मनीषा राजपुरोहित के कहने पर एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए चालक रूपलाल को आबकारी अधिकारी कार्यालय में पकड़ा। मामले में निरीक्षक को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
एसीबी चित्तौडगढ़़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चिरंजीलाल मीणा ने बताया कि 11 मई को चित्तौडगढ़़ आबकारी चौकी पर भगवत सिंह व हिम्मत सिंह ने शिकायत दी कि बूंदी जिले में गणेशपुरा स्थित उनकी देसी मदिरा समूह की दुकान की नई लोकेशन डाबी क्षेत्र में देवजी का खेड़ा करने के लिए जिला आबकारी अधिकारी व निरीक्षक एक-एक लाख रुपए की रिश्वत मांग रहे। ब्यूरो टीम ने उसी दिन परिवादी को भेजकर शिकायत का सत्यापन कराया, आबकारी अधिकारी ने दो लाख रुपए की मांग की। एक लाख रुपए पुरानी बंदी के भी मांगे।
फिर परिवादी ने 15 मई को निरीक्षक मनीषा राजपुरोहित से बात की। सत्यापन के बाद बुधवार को एसीबी टीम ने जिला आबकारी अधिकारी परमार को उसके घर पर डेढ़ लाख की रिश्वत लेेते पकड़ लिया। आबकारी निरीक्षक से फरियादी ने बात की तो उसने चालक रूपलाल को रुपए देने की बात कही। इस पर चालक को एक लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
Published on:
16 May 2018 09:32 pm
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