रेलवे के इन नियमों को जानकर दंग रह जाएंगे आप, आपकी यात्रा हो सकती है आसान..

Rajesh Tripathi

Updated: 12 Jul 2019, 06:38:45 PM (IST)

Kota, Kota, Rajasthan, India


अक्सर ऐसा होता है कि हमें रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े होने के बाद भी कुछ चीजों के नियमों की जानकारी नहीं होती। इनमें से कुछ नियम रेलवे से जुड़े हुए है। हर यात्री को रेलवे के इन नियमों के बारे में जानकारी जरूर होना चाहिए। वरना सफर के दौरान आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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मिडिल बर्थ को खोलने और बंद करने का समय

रेलवे में सफर के दौरान बीच वाली सीट को खोलने और बंद करने का समय तय है। रेलवे के नियम के मुताबिक मिडिल बर्थ को खोलने का समय रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक का है। आप इस समय के बाद इस सीट को खोलकर नहीं रख सकते,क्योंकि आपकी वजह से नीचे के बर्थ के यात्री को परेशानी हो सकती है, हालांकि यात्री आपसी सहमति से इसे सफर के दौरान जब चाहे तब खोल सकते हैं।

साइड लोअर बर्थ के लिए नियम
रेलवे के नियम के मुताबिक साइड लोअर सीट वाले यात्री को साइड अपर बर्थ वाले सहयात्री को बैठने की जगह देनी होगी। लेकिन रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक अपर बर्थ वाला यात्री नीचे की सीट पर बैठने के लिए अधिकृत नहीं है, लेकिन बाकी के समय में उसे रोका भी नहीं जा सकता है, भले ही लोअर सीट आरएसी में ही क्यों न हो?

सामान का वजन
रेलवे ने हर कोच के हिसाब से ले जाने वाले सामान की सीमा तय कर रखी है। इसके मुताबिक प्रति व्यक्ति फस्र्ट एसी में 70 किलोग्राम, सेकेंड एसी में 50 किलोग्राम, थर्ड एसी और चेयरकार में 40 किलोग्राम, स्लीपर में 40 और जनरल में 35 किलोग्राम जबकि वेंडर्स के लिए 65 किलोग्राम समयसीमा तय है। हालांकि ज्यादातर रेल यात्रियों को इस नियम के बारे में जानकारी नहीं होती है और वे तय वजन सीमा से ज्यादा वजन ले जाते हैं।


टिकट का वेरिफिकेशन
ट्रेन में कई बार टीटीई बेवजह परेशान करते हैं। टिकट चेकिंग के नाम पर कई बार पैसेंजर को रात में परेशान होना पड़ता है, हालांकि रेलवे नियमों के मुताबिक टीटीई आपको रात 10 बजे के बाद डिस्टर्ब नहीं कर सकता ह। टीटीई को सुबह 6 से रात 10 बजे के बीच ही टिकटों का वेरिफिकेशन करना जरूरी है।

डुप्लीकेट टिकट
कई बार यात्रा करने से पहले ही आपका टिकट गुम हो जाता है। ऐसे में रेल यात्री काफी परेशान हो जाता है और नई टिकट करवा लेता है। इससे उसका पैसा दोगुना लग जाता है, लेकिन अगर आपकी रेलवे टिकट गुम हो जाती है तो यात्रा से 24 घंटे पहले आप बोर्डिंग स्टेशन के चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर के पास जाकर डुप्लिकेट टिकट जारी करने का आग्रह करते हुए आवेदन दे सकते है। उसके बाद एक प्रक्रिया के चलते आपको डुप्लीकेट टिकट आंवटित कर दी जाएगी।


अगर छूट जाए ट्रेन
कई बार ट्रेन हमसे मिस हो जाती है। अक्सर ट्रैफिक की वजह से हम हमारे बोर्डिंग स्टेशन तक टाइम पर नहीं पहुंच पाते हैं और ट्रेन हाथ से निकल जाती है। हालांकि ऐसे हालात में घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि अगर आप टिकट खरीदने के बाद यात्रा नहीं करते हैं तो टीटीई आपकी सीट आपके स्टॉप से अगले दो स्टॉप तक किसी को भी नहीं दे सकता। साथ ही टीटीई को आपका एक घंटे तक इंतजार करना होगा। इसका मतलब ये है कि आप अगले स्टेशन से भी ट्रेन पकड़े सकते है। वहीं अगर आपकी ट्रेन छूट जाती है तो आप टीडीआर यानी टिकट डिपॉजिट रिसीट भी फाइल कर सकते हैं। अगर यह मंजूर हो जाता है तो बेस फेयर का 50 फीसदी रिफंड आपको मिल जाएगा।

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