दवाओं की कालाबाजी को लेकर औषधि नियंत्रक विभाग रखेगा नजर

कोरोना संक्रमण के बीच बाजारों से कई एंट्री वायरल दवा बाजार से गायब होने को लेकर औषधि नियंत्रक विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। विभाग ने सभी स्टॉकिस्ट के पर्चेस और सेल रिकॉर्ड तलब कर लिया है।

 

By: Abhishek Gupta

Published: 07 May 2021, 04:43 PM IST

कोटा. कोरोना संक्रमण के बीच बाजारों से कई एंट्री वायरल दवा बाजार से गायब होने को लेकर औषधि नियंत्रक विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। विभाग ने सभी स्टॉकिस्ट के पर्चेस और सेल रिकॉर्ड तलब कर लिया है। इन सभी के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि आखिरकार पिछले दिनों में कितनी दवाइयां स्टॉकिस्टों के पास आई और उन्हें किन-किन दुकानदारों को कहां-कहां बेचा है। सहायक औषधि नियंत्रक अधिकारी प्रहलाद मीणा ने बताया कि कोविड महामारी में किसी तरह की कोई दवाइयों की कालाबाजारी नहीं करें। इससे मरीजों को बाजार से दवाइयां उपलब्ध हो सके। सप्लाई की पर्याप्त आपूर्ति के लिए ये रिकॉर्ड जांचे जा रहे है। उन्होंने बताया कि अब थाने के अनुसार, एक या दो दुकानों को चिन्हित किया जाएगा। जिन पर ही इन जरुरी और आवश्यक दवाइयों की सप्लाई होगी, ताकि मरीज को ज्यादा चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे उस दुकान पर जाकर दवा ले सकेंगे। इसकी जानकारी भी वह प्रचारित करेंगे कि किन दवाओं पर यह दवा उपलब्ध रहेगी। गौरतलब है कि कोरोना में काम आने वाली एंटी वायरल दवा फेवीपीरावीर नामक दवा बाजार से गायब हो गई। इससे मरीज खासे परेशान है।
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रेमडेसेवीर व टोसिलीजुमाब इंजेक्शन के लिए सीएमएचओ कार्यालय में नही आए तीमारदार
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की घातकता के बाद अस्पतालों में मरीजों को जीवनरक्षक दवाइयां नहीं मिल पा रही है। ऐसे में निजी अस्पताल रेमडेसेवीर व टोसिलीजुमाब इंजेक्शन का मांगपत्र भेजकर मरीज के तीमारदारों को सीएमएचओ कार्यालय में भेज रहे है, लेकिन सीएमएचओ कार्यालय ने स्थानीय स्तर से दवाइयां देने से हाथ खड़े कर दिए है। सीएमएचओ डॉ. भूपेन्द्र सिंह तंवर ने आमजन से आग्रह किया है कि कोविड उपचार के लिए शहर के प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों के अटेन्डेन्ट रेमडेसेवीर और टोसिलीजुमाब इंजेक्शन के लिए मांग पत्र लेकर स्वास्थ्य भवन सीएमएचओ कार्यालय में नहीं आएं। प्राइवेट अस्पताल मांग पत्र भेजे जाने पर यह दोनों इंजेक्शन उलब्धता के आधार पर जिला प्रशासन ने निर्धारित प्रक्रिया अनुसार अस्पतालों को उपलब्ध कराए जाते हैं। सीएमएचओ ने इस संबध में प्राइवेट अस्पतालों को भी पत्र भेजकर निर्देशित किया कि वे मरीजों के अटेन्डेन्ट को उक्त इजेक्शनों के मांग पत्र देकर सीएमएचओ कार्यालय में नहीं भेजे अन्यथा नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

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