राष्ट्रीय दशहरा मेला :पहले के गार्डन ही नहीं रहे संभल नए कि क्या जरुरत

shailendra tiwari

Publish: Apr, 17 2018 02:01:48 PM (IST)

Kota, Rajasthan, India
राष्ट्रीय दशहरा मेला :पहले के गार्डन ही नहीं रहे संभल नए कि क्या जरुरत

दशहरा मैदान की एक इंच जमीन भी नहीं बेचने देंगे। विरोध करना पड़ेगा तो भी पीछे नहीं हटेंगे।

कोटा .

दशहरा मैदान की एक इंच जमीन भी नहीं बेचने देंगे। विरोध करना पड़ेगा तो भी पीछे नहीं हटेंगे। सरकार को प्रगति मैदान के नक्शे में बदलाव करना पड़े तो वह भी करना चाहिए। जमीन की कीमत पर प्रगति मैदान नहीं चाहिए।


125 वें राष्ट्रीय दशहरा मेले की तैयारियों के लिए महापौर महेश विजय की अध्यक्षता में आयोजित पहली बैठक में ही मेला समिति ने दशहरा मैदान के विकास कार्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मेला समिति अध्यक्ष राम मोहन मित्रा ने तो कहा कि दशहरा मेला निगम या प्रशासन का नहीं, कोटा की जनता का मेला है।

जनता की भावना के अनुरूप ही मेला भरना चाहिए। पिछले मेले में अधूरे कार्यों के कारण मेले का स्वरूप बिगड़ गया था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने देंगे। समिति सदस्य महेश गौतम लल्ली ने कहा कि दशहरा मैदान को प्रगति मैदान के रूप में विकसित करना अच्छी बात है, लेकिन रियासत कालीन इस मैदान की जमीन बेचकर विकास किसी भी कीमत पर नहीं चाहिए। अधिकारियों ने क्यों यह प्रोजेक्ट मंजूर करने से पहले जनप्रतिनिधियों और मेला समिति से चर्चा नहीं की। न एक इंच जमीन बेचने देंगे और न कोई मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनने देंगे।

Read More: किसानों का रूठा भाग्य सोना उगलने वाली जमीन हुई बंजर
कहां क्या भरेगा, कौन तय करेगा
मेला समिति के सदस्यों ने कहा कि काम मेले से दो माह पहले पूरे नहीं हुए तो मेला सुचारू नहीं भर सकता। ठेकेदार को निर्माण कार्य तेजी से करने को पाबंद करना होगा। सदस्य रमेश चतुर्वेदी ने कहा कि ऐनवक्त पर मेले का नक्शा तय होने से सबकुछ उलट-पुलट हो जाता है। मेले में कहां क्या लगेगा, यह मेला समिति तय करेगी या अधिकारी।

Read More: सीएमओ तक पहुंचा पुलिस की अवैध वसूली का मामला, अब गिरेगी गाज
सबकुछ समय पर तय होना चाहिए। दुकानों का आवंटन ऑनलाइन होगा या ऑफ लाइन, यह भी पहले स्पष्ट हो। प्रकाश सैनी ने कहा कि पुराने दुकानदारों को आवंटन में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। मीनाक्षी खण्डेलवाल ने मेले में राजस्थान की कला और संस्कृति की थीम पर कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया। मेला समिति अध्यक्ष मित्रा ने कहा कि मेला समिति का निर्णय को बदला नहीं जाना चाहिए। इस पर महापौर ने भी सहमति जताई।

Read More: कोटा में हवाई सेवा बंद, 8 महीने से नियम विरुद्ध हवा में उड़ता रहा विमान!
पहले के गार्डन संभल नहीं रहे,सेन्ट्रल पार्क की क्या जरूरत
सदस्यों ने कहा कि दशहरा मैदान के दूसरे चरण में सेन्ट्रल पार्क बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके टेण्डर भी हो गए हैं। सदस्य कृष्ण मुरारी सामरिया ने कहा कि दशहरा मैदान से चार कदम दूर चम्बल गार्डन, हाड़ौती उद्यान है, फिर क्यों दशहरा मैदान में सेन्ट्रल पार्क बनाया जा रहा। पहले के बने गार्डनों की सही सार-संभाल हो जाए, वह ही बहुत है।

Read More: कॉमर्स कॉलेज :छात्र के खिलाफ कॉपी ले जाने का मामला दर्ज
लल्ली ने कहा कि सांसद और विधायक भी सेन्ट्रल पार्क के पक्ष में नहीं, फिर किसके फायदें के लिए सेन्ट्रल पार्क बनाया जा रहा है। गौरतलब है कि नक्शे में सेन्ट्रल पार्क के ठीक सामने होटल, मॉल के लिए जमीन आरक्षित रखी गई है। सदस्यों के दबाव पर महापौर ने कहा कि 25 अप्रेल को स्मार्ट सिटी कम्पनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक है, इसमें मैं और न्यास अध्यक्ष इस पर विरोध जताएंगे।

ये भी हुए निर्णय
मेला समिति का जिम्मा एसई प्रेमशंकर शर्मा को सौंपा। सर्कस और डिज्नीलैण्ड के लिए जल्द जगह तय होगी| मेले को भव्य रूप देने के लिए प्रबुद्धजनों से चर्चा करेंगे| फिल्मी कलाकार तय करने की प्रक्रिया बदली जाएगी।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned