सुनो सरकार : बेरोजगार श्रमिकों को मिले रोजगार भत्ता

सुनो सरकार : बेरोजगार श्रमिकों को मिले रोजगार भत्ता

shailendra tiwari | Publish: Jan, 13 2018 08:07:47 PM (IST) | Updated: Jan, 13 2018 08:26:53 PM (IST) Kota, Rajasthan, India

प्रदेश में बजरी खनन व परिवहन पर लगाई रोक हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को श्रमिकों के साथ प्रदर्शन किया।

कोटा . न्यायालय आदेश पर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में बजरी खनन व परिवहन पर लगाई रोक हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को केशवपुरा रोड पर आल्हाउदल पार्क के पास संनिर्माण श्रमिकों के साथ प्रदर्शन किया। साथ ही राज्य सरकार से बेरोजगार श्रमिकों को रोजगार ? भत्ता दिलाने की मांग की।

 

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प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस नेता कुंदन चीता ने कहा कि प्रदेश में बजरी पर प्रतिबंद लगे दो माह होने को आए, लेकिन अभी तक सरकार कोई निर्णय नहीं कर पा रही है। बजरी नहीं मिलने के कारण कई निर्माण कार्य, बड़े प्रोजेक्ट के निर्माण बंद हो गए। शहर में हजारों श्रमिक, कारीगर बेरोजगार हो गए हैं। बीटा स्वामी ने मांग की है कि जब तक बजरी खनन से रोक नहीं हटती। तब तक राज्य सरकार भवन निर्माण कार्यों में लगे श्रमिको के रोजगार के लिए अस्थायी व्यवस्था करें। अगर श्रमिकों के अस्थाई रोजगार की व्यवस्था नहीं कर सकती है तो उन्हें श्रम विभाग के नियमानुसार अकुशल, अद्र्ध कुशल श्रमिक की न्यूनतम मजदूरी के बराबर का रोजगार भत्ता दिया जाए। विपिन बरथूनिया, पंकज लोढ़ा ने सरकार को चेतावनी दी कि जब तक सरकार द्वारा श्रमिको के रोजगार की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मजदूरों के हित में संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन को विनोद शर्मा, अमित सूद, हिमांशु शर्मा, मोनू मरमट ने संबोधित किया। इस दौरान राजेन्द्र सैनी, रोहित मोरी, मनीष पारीक, राजेश सक्सेना, हनी राव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

 

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श्रमिकों का शत-प्रतिशत हो आधार बेस्ड भुगतान : मनरेगा योजना में कार्यरत श्रमिकों के आधार बेस्ड भुगतान के संबंध में अग्रणी बैंक अधिकारी एवं बैंक प्रतिनिधियों के साथ मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर.डी. मीणा ने जिला परिषद में बैठक ली। बैठक में सामने आया कि जिले में 1,77,438 सक्रिय श्रमिकों के विरुद्ध 1,73,930 श्रमिकों की करीब 98 प्रतिशत आधार सीडिंग की जा चुकी है। इसके विरुद्ध मात्र 1,31,822 करीब 74 प्रतिशत श्रमिकों का ही आधारबेस्ड भुगतान किया जा रहा है। सीईओ ने शेष श्रमिकों के आधार एवं खाता संख्या को एनपीसीआई सर्वर से मेप करने के लिए सभी बैकों को दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान ही बकाया करीब 23896 मनरेगा श्रमिकों के आधार नम्बर को एनपीसीआई पर मैपिंग करने के लिए डाटा बैंकर्स को उपलब्ध करवाया। बैठक में बैंक ऑफ बड़ौदा, बड़ौदा राजस्थान, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया आदि के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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