रोज खड़ी हो रही एक-दो थड़ी : कोटा में कोचिंग एरिया में फैल रहा अतिक्रमण

दीपक शर्मा
कोटा. कोरोना के दौरान सुस्त पड़े कोटा में कोचिंग और स्कूल खुलने से रवानी आ गई है। शिक्षा नगरी में ऑफलाइन कोचिंग शुरू होने के एक माह में 80 हजार से ज्यादा कोचिंग विद्यार्थियों की आमद हो चुकी है। इस आंकड़े को शहर के व्यापारी राहत भरा बता रहे हैं। इस खुशखबर के बीच लोगों को अतिक्रमण के बढ़ते संक्रमण की चिंता सता रही है।

By: Deepak Sharma

Published: 11 Oct 2021, 08:55 PM IST

दीपक शर्मा
कोटा. कोरोना के दौरान सुस्त पड़े कोटा में कोचिंग और स्कूल खुलने से रवानी आ गई है। शिक्षा नगरी में ऑफलाइन कोचिंग शुरू होने के एक माह में 80 हजार से ज्यादा कोचिंग विद्यार्थियों की आमद हो चुकी है। इस आंकड़े को शहर के व्यापारी राहत भरा बता रहे हैं। इस खुशखबर के बीच लोगों को अतिक्रमण के बढ़ते संक्रमण की चिंता सता रही है।
चहुंमुखी विकास के लिए शहर के चार क्षेत्रों में कोङ्क्षचग सेक्टर डवलप किए गए, लेकिन इस विकास के साथ अतिक्रमण की खरपतवार भी बढ़ती चली गई। कोरोना काल में सुस्त पड़े अतिक्रमण को कोचिंग छात्रों की आमद ने फिर उगने का मौका मिल गया है। जनता की शिकायतों के बावजूद पुलिस, जिला प्रशासन और नगरीय निकाय अनजान बन रहे हैं। अफसर मानवीयता को ढाल बनाकर कार्रवाई से बच रहे हैं। पेश है रिपोट...र्

1. राजीवगांधी नगर, रीको इंडस्ट्रीयल जोन
सर्वाधिक कोचिंग इंस्टीट्यूट और बच्चे इसी क्षेत्र में हैं। कोरोना से पहले यहां 50 हजार से ज्यादा कोचिंग स्टूडेंट थे। ऑफलाइन कोचिंग शुरू होने के बाद इलाके में 35 से 40 हजार स्टूडेंट लौट आए हैं। मुख्य मार्गों और पार्कों के आसपास थड़ी और ठेले पांव जमा चुके हैं।

2. लैंडमार्क, कुन्हाड़ी

कुन्हाड़ी क्षेत्र में लैंडमार्क एरिया भी कोचिंग छात्रों की आवाजाही से चमक उठा है। यहां 15 से 20 हजार स्टूडेंट आ गए हैं। नयापुरा से बूंदी रोड पर, माइनर के किनारे और कोचिंग एरिया के अंदर 100 से ज्यादा थडिय़ां और 100 से ज्यादा ठेले जम चुके हैं।
3. जवाहर नगर

घनी आबादी के बीच इस कोचिंग एरिया में 8 से 10 हजार बच्चे आ चुके हैं। डिस्ट्रिक्ट सेंटर ही सर्वाधिक अतिक्रमण का शिकार है। कोचिंग एरिया से सटे इलाके में भी लोग थड़ी और ठेलों के अतिक्रमण से परेशान हैं। शिकायत पर करने पर ठेले और थड़ी वाले झगड़ते हैं।
4. कोरल पार्क, बारां रोड

बारां पर नए डवलप हुए इस कोचिंग एरिया में वर्तमान में 5 से 7 हजार स्टूडेंट आ चुके हैं। स्टूडेंट कम होने और शहर से दूर होने के चलते यहां अतिक्रमण कम है, लेकिन बारां रोड और कोचिंग एरिया को जोडऩे वाले मार्गों पर अतिक्रमी जगह रोक जमने की तैयारी में हैं।

फैक्ट फाइल
50 से ज्यादा बड़े-छोटे कोचिंग
80 हजार से ज्यादा विद्यार्थी कोटा लौटे कोरोना अनलॉक के बाद
04 इलाके शहर में बने कोचिंग सेक्टर, लैंडमार्क, जवाहर नगर, कोरल और राजीव गांधी नगर-रीको इंडस्ट्रियल एरिया
500 से ज्यादा पक्के अतिक्रमण
1000 से ज्यादा ठेले, खान-पान विक्रेता दिनभर चलाते हैं 'दुकानÓ

हॉस्टल से कोचिंग के रास्ते में दर्जनों थडिय़ां हैं। जिन पर बेतरतीब पार्किंग से रास्ता संकरा हो जाता है। कोचिंग से आते जाते समय परेशानी होती है। अंदर के रास्तों पर पुलिस भी नहीं होती है। संभलकर आते—जाते हैं।
वर्तिका, कोचिंग छ़ात्रा

इलाके में अतिक्रमण की गंभीर समस्या है। थडिय़ों पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। प्रशासन पूरे साल अभियान चलाकर स्थाई रूप से अतिक्रमण हटाए। दूसरी बार अतिक्रमण करने पर अतिक्रमी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
देबू राही, संरक्षक जवाहर नगर व्यापार संघ

कोचिंग एरिया के पास सड़क किनारे थड़ी के कब्जे हैं, जहां नानवेज और तंबाकू उत्पाद खुलेआम बिकते हैं। शाम के समय यहां भीड़ लगी रहती है। सुरक्षा की दृष्टि से भी यह सही नहीं है। प्रशासन को अतिक्रमण हटाने चाहिए।
नीरज जैन, उपाध्यक्ष, कोरल पार्क हॉस्टल एसोसिएशन

सड़कों पर अतिक्रमण नहीं किया जाना चाहिए। निगम के अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के हरसंभव प्रयास किए जाते हैं। समझाइश भी की जाती है। इस तरह की शिकायतों पर कार्यवाही करेंगे। वहीं नगर विकास न्यास के अधिकार क्षेत्र में न्यास की ओर से कार्यवाही जाती है।
कीर्ति राठौड़, आयुक्त, कोटा दक्षिण नगर निगम

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