नसबंदी के बाद भी गर्भवती हो गई महिला, जज ने सुनाया ये आदेश...

Rajesh Tripathi

Updated: 14 Jun 2019, 08:21:05 PM (IST)

Kota, Kota, Rajasthan, India

कोटा. स्थाई लोक अदालत ने नसबंदी फेल होने के दो अलग-अलग मामलों में शुक्रवार को पीडि़त को 60 हजार रुपए क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया।
इन्द्रा कॉलोनी निवासी पीडि़ता अनिता ने परिवार सेवा क्लिनिक व सीएमएचओ के खिलाफ अदालत में पेश किए परिवाद में बताया कि उसने 12 अक्टूबर 2015 को नसबंदी करवाई थी। 17 नवम्बर 2016 को सोनोग्राफी रिपोर्ट में उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। इस मामले में न्यायालय ने पीडि़ता को 30 हजार रुपए अदा करने के आदेश दिए। वहीं दूसरे मामले में पीडि़ता सुगना ने परिवाद में बताया कि 17 दिसम्बर 2013 को उसने जेके लॉन चिकित्सालय में नसबंदी का ऑपरेशन करवाया था। इसके बाद पीडि़ता 12 जनवरी 2019 को गर्भवती हो गई। इस मामले में अदालत ने पीडि़ता को 30 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति राशि देने के आदेश दिए।


स्मैक तस्कर को चार साल का कठोर कारावास

कोटा. स्मैक तस्करी के चार साल पुराने मामले में शुक्रवार को एनडीपीएस एक्ट के तहत स्मैक तस्कर को दोषी मानते हुए चार साल के कठोर कारावास व 20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया, जबकि एक अन्य आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने मक्खन सिंह को मफरूर घोषित कर उसकी सुनवाई पेंडिंग रखी है।
विशिष्ट लोक अभियोजक संजीव विजय ने बताया कि 7 जून 2016 को जीआरपी कोटा पुलिस ने गश्त व चैकिंग के दौरान प्लेटफॉर्म 1 पर खड़ी इंदौर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस के जनरल कोच में दो संदिग्धों को बैठे देखा। वह पुलिस को देख घबरा गए। तलाशी लेने पर पुलिस को पंजाब के पटियाला के चूनापुरा निवासी अवतार सिंह के पास पॉलीथिन थैली में 50 ग्राम व मक्खन सिंह के पास 100 ग्राम स्मैक मिली। पुलिस ने दोनों आरोपियों से स्मैक बरामद कर एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। दोनों ने स्मैक मप्र के मंदसौर जिले के बोलिया गांव निवासी गोविन्द सिंह से लेना बताया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी गोविंद सिंह को भी गिरफ्तार किया। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए एनडीपीएस न्यायालय में चालान पेश किया। ट्रायल के दौरान न्यायाधीश अनुपमा राजीव बिजलानी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी अवतार सिंह को चार साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, 20 हजार रुपए के अर्थ से दंडित किया। मख्खन सिंह जमानत के बाद फरार हो गया था। उसे मफरूर घोषित किया गया, जबकि गोविन्द सिंह को बरी कर दिया।

Show More

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned