गर्भवती महिला को थमा दी एक्सपायरी डेड की दवा

कोटा जेके लोन अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। अस्पताल के दवा काउंटर से शनिवार को एक गर्भवती महिला को एक्सपायरी डेड की दवा थमा दी। महिला की सूझबूझ से उसने दवा नहीं ली। मामला उजागर होने के बाद अस्पताल प्रशासन जांच में जुट गया है।

 

By: Abhishek Gupta

Published: 24 May 2020, 11:44 AM IST

कोटा. जेके लोन अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। अस्पताल के दवा काउंटर से शनिवार को एक गर्भवती महिला को एक्सपायरी डेड की दवा थमा दी। महिला की सूझबूझ से उसने दवा नहीं ली। मामला उजागर होने के बाद अस्पताल प्रशासन जांच में जुट गया है।

बूंदी जिले के गोविंदपुर बावड़ी निवासी मेघा रानी ने पत्रिका को बताया कि वह शनिवार को पेट में एसीडीटी की शिकायत पर जेके लोन अस्पताल गई थी। वह गर्भवती है। उसने चिकित्सक को दिखाने के बाद अस्पताल के बाहर डीडीसी काउंटर-तीन पर गई। वहां से एन्टासिड जेल-60 एमएल की दवा दे दी। दवा लेकर वह गांव चली गई। वहां उसने दवा लेने से पहले उसकी तिथि को देखा तो उसके होश उठ गए। दवा पर चस्पा लोगो पर अप्रेल-2020 में उसकी एक्सपायरी डेड निकली। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि ये दवा मार्च में ही खत्म हो जानी चाहिए, फिर अप्रेल तक यह दवा काउंटर पर कैसे रही। यह जांच का विषय है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह दवा अन्य कई मरीजों को बांटी गई होगी। कितने मरीजों को यह एक्सपायारी दवा बांटी गई। यह अस्पताल के कर्मचारी तक नहीं बता पा रहे है। इसमें यहां के कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही देखने को मिली रही है। क्योंकि इन कर्मचारियों ने बिना दवा को देखे ही सीधे मरीजों को बांट दी है। इससे प्रसूताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।

उधर, एमबीएस अस्पताल के ड्रग वेयर हाउस इंचार्ज डॉ. सुशील सोनी ने बताया कि हमारे यहां जून 2018 में यह दवा आई थी। उसके बाद जेके लोन अस्पताल में अगस्त 2018 में पहुंची थी। अस्पताल अधीक्षक डॉ. एससी दुलारा ने बताया कि मरीज को एक्सपायरी डेड की दवा कैसे बंट गई। इस मामले की जांच कराई जाएगी।

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