राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में चम्बल ने बजाई खतरे की घण्टी

गांधी सागर के 16 गेट खोलकर 3.35 लाख क्यूसेक पानी की निकासी
- राणा प्रताप सागर बांध के पांच गेट खोले
- कोटा बैराज के सात गेट खोलकर एक लाख क्यूसेक पानी की निकासी
- मध्यप्रदेश में भारी बारिश से चम्बल उफान पर

By: Ranjeet singh solanki

Published: 30 Aug 2020, 10:45 PM IST

कोटा. मध्यप्रदेश में दो दिन से हो रही भारी बारिश के चलते चम्बल नदी के सबसे बड़े बांध गांधी सागर से रात 8 बजे 19 में से 16 गेट खोलकर 3.35 लाख क्यूसेक पानी की निकासी शुरू कर दी गई। इस बांध की कुल जल निकासी क्षमता 4.80 लाख क्यूसेक है, जबकि आवक 5.34 लाख क्यूसेक से अधिक बनी हुई है। इसके चलते देर रात तक सारे गेट खोलने की संभावना है। सुबह 9.30 बजे तीन गेट खोलकर 80 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की थी, इसके बाद धीरे-धीरे पानी बढ़ाते गए। राणा प्रताप सागर बांध के पांच गेट खोलकर 1.22 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गांधी सागर से कोटा बैराज तक पानी पहुंचने में 12 घंटे लग गए। रात 9.30 बजे बैराज से एक लाख क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की गई। गांधी सागर के सारे गेट खोलने की तैयारी है। राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गांधी सागर बांध में पानी की आवक लगातार बढ़ती जा रही है। कैचमेंट एरिया क्षेत्र में लगातार बारिश होने व शिवना नदी का जलस्तर लगातार बढऩे के साथ चम्बल में पानी और बढ़ता जा रहा है। इसी के चलते शाम तक 5.35 लाख क्यूसेक से अधिक पानी की आवक गांधी सागर बांध में हो रही है, वहीं 3 लाख 35 हजार की क्यूसेक गति से पानी छोड़ा जा रहा है। रात को दो और बड़े गेट खोले गए। इस तरह कुल 16 गेट शाम 6 बजे तक की स्थिति में खोले गए थे। इसमें नौ छोटे और सात बड़े गेट खोले गए, लेकिन लगातार बढ़ती पानी की आवक के चलते प्रशासन और विभागीय अधिकारी यह संभावना जता रहे हैं कि देर रात तक गांधी सागर बांध के सभी छोटे और बड़े गेट खोल दिए जाएंगे।

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