खुशखबर: बारां के शेरगढ़ अभयारण्य में दिखे 100 लुप्तप्राय गिद्ध

सुरक्षित पर्यावास और भोजन की उपलब्धता से बनाया स्थायी डेरा, कर रहे नेस्टिंग

By: mukesh gour

Updated: 25 Aug 2020, 08:50 AM IST

गऊघाट (बारां). बारां जिले के ईको सिस्टम ने तेजी से गायब हो रहे गिद्धों की संकटग्रस्त दो प्रजातियों को बचा लिया है। अटरू उपखण्ड के शेरगढ़ अभ्यारण्य के जंगलों में 100 से ज्यादा गिद्धों की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। अहम बात यह है कि वे नेस्टिंग और ब्रीडिंग भी कर रहे हैं। विलुप्त होने की कगार पर पहुंचे सफेद पीठ वाले गिद्ध जिप्स बेंगालेंसिस और लोंग बिल्ड जिप्स इंडीकस प्रजाति के गिद्ध यहां के बारापाटी इलाके में नियमित रूप से नजर आ रहे हैं।

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लंबे अंतराल के बाद यह अभ्यारण्य में एक साथ देखा गया गिद्धों का सबसे बड़ा समूह है। करीब एक दशक पहले शेरगढ़ अभ्यारण्य में गिद्धों की वापसी हुई थी। तब इनकी संख्या नाम मात्र थी। वर्ष 2011 में बडोरा वन क्षेत्र में कई बार ये देखे गए थे। अब इसके करीब ही खानपुर से बारापाटी इलाके में 5 दर्जन से ज्यादा गिद्ध स्पॉट हो रहे हैं। अभ्यारण्य से जुड़े पक्षी विशेषज्ञों का कहना है कि इन गिद्धों ने अच्छे आवास, सुरक्षित पहाड़ी घोंसलों और पर्याप्त आहार मिलने से अभ्यारण्य में स्थायी डेरा डाल लिया है।

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