गुड न्यूज.. कोटा में पढ़े और अधिकारी बनकर लौटे कनिष्क

कोटा में पढ़ाई करने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा के युवा अधिकारी कनिष्क कटारिया की प्रथम नियुक्ति कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र में उपखंड अधिकारी व उपखंड मजिस्ट्रेट के रूप में हुई है।

 

By: Abhishek Gupta

Published: 22 Jul 2021, 10:41 PM IST

कोटा. कोटा में पढ़ाई करने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा के युवा अधिकारी कनिष्क कटारिया की प्रथम नियुक्ति कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र में उपखंड अधिकारी व उपखंड मजिस्ट्रेट के रूप में हुई है। कोटा से तीन वर्ष क्लासरूम कोचिंग लेकर कनिष्क जेईई एडवांस्ड-2010 में एससी वर्ग में ऑल इंडिया टॉपर बने। उन्होंने आईआईटी मुंबई से कम्प्यूटर सांइस में बीटेक किया। कनिष्क ने कहा कि यह सौभाग्य है कि जिस धरती से मैं पढ़कर निकला हूं, उसी जिले में आईएएस के तौर पर प्रथम नियुक्ति मिली है। कनिष्क ने डेढ़ वर्ष तक सेमसंग के मुख्यालय कोरिया में उच्च पद पर जॉब किया। प्रशासनिक सेवा में रुचि होने से उन्होंने विदेश से जॉब छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। मुख्य परीक्षा-2018 में पहले प्रयास में ही कनिष्क कटारिया को सर्वाधिक अंक मिलने से ऑल इंडिया टॉपर-1 बनने का गौरव मिला।

पिता भी दे चुके सेवा
कनिष्क ने बताया कि उनको कोटा से गहरा लगाव है। बचपन की यादें कोटा से बहुत जुड़ी हैं। कोटा में पढ़ाई करने से ही इस मंजिल तक पहुंचा हूं। पिता सांवरमल वर्मा आईएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में वे चूरू के जिला कलक्टर हैं। कोटा में वे बतौर एसडीएम सेवाएं दे चुके हैं। उस समय कनिष्क कोटा के सेंटपॉल स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे। कक्षा 9वीं से 12वीं तक तीन वर्ष उन्होंने कोटा में आईआईटी जेईई की क्लासरूम कोचिंग की। कनिष्क के ताऊ आईएएस केसी वर्मा भी कोटा में संभागीय आयुक्त रह चुके हैं।

Abhishek Gupta
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