बंजर भूमि से किसानों के घर बरसेगा धन

सौर ऊर्जा प्लांट लगाए जाएंगे

By: Ranjeet singh solanki

Published: 27 Jul 2020, 07:27 PM IST

कोटा। कुसुम योजना के तहत प्रदेश के कृषकों की अनुपयोगी अथवा बंजर भूमि पर सौर ऊर्जा से उत्पादित विद्युत की खरीद के लिए कृषकों एवं विकासकर्ताओं तथा राजस्थान ऊर्जा विकास निगम के मध्य विद्युत क्रय अनुबंध किया जाएगा। इसकी शुरुआत हो चुकी है।
ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव एवं अध्यक्ष राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम अजिताभ शर्मा ने बताया कि हाल ही में कुसुम योजना कंपोनेंट के अंतर्गत प्रदेश के 623 कृषकों, विकास कर्ताओं को 722 मेगावॉट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए आवंटन पत्र जारी किए गए थे। प्रदेश के तीन जिलों अलवर, सीकर एवं पाली के 7 कृषकोंं एवं राजस्थान डिस्कॉम्स की ओर से राजस्थान ऊर्जा विकास निगम के बीच अनुबंध हो गया है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। इससे किसानों को बंजर भूमि से भी अच्छी आय हो सकेगी। इस योजना में चयनित कृषकों एवं विकासकर्ताओं के सौर ऊर्जा संयंत्रों से उत्पादित विद्युत को 3.14 रुपए प्रति यूनिट की दर से 25 वर्ष तक क्रय किए जाने के लिए विद्युत क्रय अनुबंध किए जा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत किसानों एवं विकासकर्ताओं द्वारा स्वयं की अनुपयोगी या बंजर भूमि पर 0.5 से 2 मेगावॉट क्षमता तक के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की जा सकती है। इससे किसानों को उनकी बंजर भूमि से 25 वर्ष तक नियमित आय प्राप्त होगी। इसके साथ ही प्रदेश के किसानों को दिन के समय कृषि कार्य के लिए विद्युत आपूर्ति करने में बड़ी सफ लता मिलेगी।

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