पानी में बहा दिए करोड़ों रुपये,जर्जर नहरी तंत्र को मजबूत करने में नाकाम सरकार

Shabby cana किसानों की बढ़ी मुश्किलें

Suraksha Rajora

February, 1504:16 PM

कोटा . हाड़ौती के किसानों की जीवन रेखा मानी जाने वाली चम्बल की नहरों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के नाम पर सरकार करोड़ों रुपए का बजट खर्च कर रही है, लेकिन कार्य पूरे नहीं होने के कारण किसानों को फायदा नहीं मिल पाया है। पहले मिले पैकेज के मरम्मत के कार्य अभी तक पूरे नहीं हुए और सीएडी अधिकारी अब नए टेण्डर करवाने की तैयारी में हैं।


चम्बल के जर्जर नहरी तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार ने 1274 करोड़ की महत्वपूर्ण परियोजना मंजूर की थी, लेकिन अभी तक एक भी कार्य पूर्ण नहीं हुआ। वर्ष 2016 से 2019 तक 16 मरम्मत कार्य के टेण्डर जारी किए थे, लेकिन हैरानी की बात यह है कि सीएडी प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक ही अभी तक एक भी कार्य पूरा नहीं हुआ है।


ठेकेदारों की लापरवाही के कारण चम्बल की दाईं और बाईं मुख्य वितरिकाओं व माइनरों के मरम्मत कार्य अधूरे पड़े हैं। किसानों के लिए मरम्मत कार्य फायदे की जगह नुकसानदेय हो गए हैं। अधूरे कार्यों के कारण पानी पहले से भी ज्यादा व्यर्थ बहने लग गया है। दाईं मुख्य नहर की किशनपुरा माइनर की स्थिति यह है कि मरम्मत के लिए पहले की दीवार को तोड़ दिया गया और पक्की दीवार बनाने का काम शुरू किया गया, लेकिन 60 फीसदी से अधिक कार्य अधूरा पड़ा है।

इस कारण यह नहर इस सीजन में ही जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई। मुख्य सीजन में ही करीब एक पखवाड़े का जलप्रवाह बंद करने के लिए क्लोजर लेना पड़ा है। अभी भी क्षतिग्रस्त दीवार को टूटने से बचाने के लिए मिट्टी के कट्टे लगा रखे हैं।

पानी बह रहा है व्यर्थ
अधूरे कार्य पड़े होने के कारण नहरों के सीपेज की समस्या बढ़ गई है। इसका दंश शहर से लेकर किसान भी भुगत रहे हैं। बोरखेड़ा क्षेत्र, थेगड़ा, कैथून रोड, कुन्हाड़ी क्षेत्र में नहरी पानी के सीपेज से मकानों में सीलन आ रही है। इस कारण मकान क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में सीपज से फसलों को नुकसान हो रहा है।

नहरों के आधुनिकीकरण की महत्वपूर्ण परियोजना की क्रियान्विति में खामियां रह गई हैं। इस कारण किसानों को फायदा नहीं मिल पा रहा है। निगरानी की कम रही है। तीन-चार साल से काम अधूरे पड़े हैं, इससे परेशानी बढ़ी है। अब नए सिरे से अन्य पैकेज के काम शुरू किए जा रहे हैं। सुनील गालव, सभापति चम्बल परियोजना प्रबंध समिति

वर्ष स्वीकृत कार्य राशि
2016-17 बूंदी ब्रांच केनाल 1641.19
2017-18 लक्ष्मीपुरा डिस्ट्रीब्यूटरी 3354.15
2017-18 इटावा ब्रांच कैनाल 6423.73
2017-18 सुल्तानपुर सब ब्रांच 7137.69
2017-18 बड़ौद सब ब्रांच 3412.06
2017-18 अयाना सब ब्रांच 4255.06
2017-18 पलायथा सब ब्रांच 2724.60
2017-18 खातौली डिस्ट्रीब्यूटरी 2099.02
2017-18 दाईं मुख्य नहर सीसी 3015.25
2017-18 कापरेन सब ब्रांच 4000.82
2017-18 कापरेन सब ब्रांच एलएमसी 2654.59
2018-19 दीगोद कल्याणपुरा, डाबर बा्रंच 5231.02
2018-19 गेंता डिस्ट्रीब्यूटरी व इटावा ब्रांच 3582.66
2018-19 आरएसीपी प्रोजेक्ट 1209.11
(स्रोत : सीएडी, राशि लाखों में)

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