दादी ने मां को पिता की मौत का जिम्मेदार बताया तो सह नहीं सकी...

परिवार पर टूटा विपत्तियों का पहाड़ : उलाहनों से तंग होकर बेटी ने खाया विषाक्त

By: mukesh gour

Published: 30 May 2020, 12:35 AM IST

छबड़ा. कहते हैं विपत्तियां आती हैं तो एकसाथ आती हैं। अभी 20 दिन ही हुए थे जब पिता की मृत्यु हुई। जब दादी ने पिता की मृत्यु के लिए मां को जिम्मेदार बताते हुए ताने दिए तो बेटी ये सह न सकी। तंग आकर युवती ने शुक्रवार को विषाक्त खाकर जान देने का प्रयास किया। अब वो कोटा के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। इधर, पति को खो चुकी मां यह गम भूलकर बेटी की जिंदगी को बचाने की प्रार्थनाएं कर रही है। वहीं बेटे को खो चुकी मां भी पोती के इस कदम के बाद उसके सही होने की दुआ कर रही है।

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यह है मामला
कस्बे के आनंद विहार द्वितीय कॉलोनी में दो कमरे के मकान में रहने वाला कमलेश पत्नी मधु, तीन बेटियोंं अंजलि, सपना, साक्षी व पुत्र अजय के साथ रहा करते थे। पिता मजदूरी करके परिवार का पेट पालते थे। शराब का आदी होने के कारण अक्सर मधु से मारपीट करते थे। इससे नाराज होकर मधु तीन महीने पहले बच्चों को लेकर अपने मायके सांकल सिमली (सीसवाली) चली गई। कमलेश 20-25 दिन पहले पत्नी व बच्चों को लेने ससुराल गया। इस दौरान उसने 9 मई को वहां विषाक्त खाने से उसकी मृत्यु हो गई। बाद में बच्चे व पत्नी छबड़ा आ गए। यहां आए दिन कमलेश की मां 80 वर्षीय उमराव बाई अपने पुत्र कमलेश की मौत को लेकर आएदिन बहू मधु पर ताने कसती थी।

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ऐसे चला घटनाक्रम
शुक्रवार सुबह रसोई में ताला लगाने की बात को लेकर सास उमराव एवं बहु मधु व पोती अंजलि के बीच कहासुनी हो गई। इससे नाराज होकर अंजलि (18 वर्ष) ने घर में रखा विषाक्त खाकर कुंडी लगा ली। मां, बहनों और भाई ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। पड़ोसियों ने आकर दरवाजा तोड़ा और अंजलि को छबड़ा लाए। यहां से चिकित्सकों ने अंजलि को बारां रेफर कर दिया। वहां अंजलि की हालत गंभीर होने पर उसे कोटा रेफर कर दिया गया। अब अंजलि का कोटा के एमबीबीएस अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।

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परिजन का बुरा हाल
घर पर अंजलि की छोटी बहन साक्षी दादी उमराव, दादा कन्हैयालाल के साथ घर पर है। घटना के बाद साक्षी कुछ समझ नहीं पा रही है। उसने सुबह से कुछ नहीं खाया है। दादी उमराव भी सदमे में है।

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