राजावत के खिलाफ जांच शुरू, बोले, मुझे फांसी पर चढ़ा दो...

Rajesh Tripathi

Publish: Jul, 05 2019 10:03:29 PM (IST) | Updated: Jul, 05 2019 10:05:05 PM (IST)

Kota, Kota, Rajasthan, India


कोटा. केईडीएल की ओर से दो कर्मचारियों से कान पकड़कर उठक-बैठक लगाने के मामले में पूर्व विधायक भवानीसिंह राजावत ने राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष को जवाब भेजकर इसे भड़की हुई जनता से केईडीएल कर्मचारियों को बचाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि वे दुखी जनता के हितों का बचाव करते रहेंगे। यदि आयोग इसे अपराध मानता है तो उन्हें इस अपराध को स्वीकार करने में कोई आपत्ति नहीं है। फिर चाहे न्यायालय के माध्यम से उन्हें फांसी के तख्ते पर ही क्यों न पहुंचा दिया जाए। राजावत ने ये पत्र आयोग द्वारा उनके विरुद्ध लिए गए संज्ञान के बाद भेजा।

राज्य मानव अधिकार आयोग ने भवानीसिंह राजावत के खिलाफ केईडीएल के दो अधिकारियों से वॉम्बे योजना लुहार बस्ती में उठक-बैठक लगवाने के मामले में संज्ञान लिया था। इस मामले में आयोग के आदेश पर उद्योग नगर पुलिस ने राजावत के खिलाफ गुरुवार को मामला दर्ज किया था। राजावत ने पत्र में लिखा, कि आयोग लोकसेवकों के अधिकारों की रक्षा करे, लेकिन वह जनप्रतिनिधियों के कत्र्तव्यों में अनधिकृत हस्तक्षेप नहीं करे। उन्होंने कहा कि केईडीएल के खिलाफ ऐसे कई मामले हैं, जिसमें बिना विद्युत चोरी के ही केईडीएल ने आम लोगों को 50 हजार व एक लाख के बिल थमा दिए, जो बाद में सबूत नहीं होने के कारण निरस्त करने पड़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned