एक पखवाड़े से मुखिया का पद रिक्त, बेपटरी हो रही व्यवस्थाएं...

संविदा कर्मी के भरोसे बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय....200 से अधिक आंगनबाड़ी केन्द्रों का है जिम्मा...

By: Anil Sharma

Updated: 05 Sep 2019, 12:36 AM IST

सांगोद. सांगोद ब्लॉक में महिला एवं बाल विकास विभाग के दौ सौ से अधिक आंगनबाड़ी केन्द्रों की व्यवस्थाओं एवं निगरानी का जिम्मा संभाल रहा परियोजना अधिकारी कार्यालय खुद सरकार की अनदेखी का शिकार हो रहा है। हालत यह है कि मुख्यालय पर स्थित कार्यालय एक पखवाड़े से बिना मुखिया के चल रहा है। परियोजना अधिकारी का पद रिक्त है तो पर्यवेक्षकों के भी पद रिक्त होने से आंगनबाड़ी केन्द्रों की व्यवस्थाएं एवं निगरानी भगवान भरोसे है।
जानकारी के अनुसार सांगोद ब्लॉक में संचालित विभाग के आंगनबाड़ी केन्द्रों से जुड़ी व्यवस्थाओं को संभालने एवं निरीक्षण एवं निगरानी के लिए उपखंड मुख्यालय पर परियोजना अधिकारी का कार्यालय संचालित है। दो माह पूर्व यहां परियोजना अधिकारी की सेवानिवृति के बाद से विभाग में यह पद रिक्त चल रहा है। विभाग ने एक पखवाड़े पूर्व बूंदी के परियोजना अधिकारी को लगाने के आदेश भी जारी कर दिए, लेकिन अभी तक उन्होंने पदभार ग्रहण नहीं किया। ऐसे में कार्यालय की सारी व्यवस्था बिगड़ी हुई हैं।
सब कुछ कागजों में
परियोजना अधिकारी कार्यालय इन दिनों एक संविदा कर्मचारी के भरोसे चल रहा है। कार्यालय में परियोजना अधिकारी के साथ ही चार महिला पर्यवेक्षकों के भी पद रिक्त हैं। बुधवार को यहां पौने दस बजे तक कार्यालय पर ताला लटका रहा। इसी बीच यहां पहुंचे संविदाकर्मी ने कार्यालय का ताला खोला। कार्यालय की व्यवस्थाओं की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिना मुखिया क्षेत्र के आंगनबाड़ी केन्द्र किस तरह संचालित हो रहे होंगे।
यहां भी बिगड़ रही व्यवस्था
परियोजना अधिकारी व महिला पर्यवेक्षकों के पद रिक्त होने से आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण भी नहीं हो पा रहा। ऐसे में अधिकांश केन्द्र भी कार्यकर्ताओं की मनमर्जी से चल रहे हैं। कहीं केन्द्र खुल रहे हैं तो कहीं बच्चे ही नदारद है। पद रिक्त होने से अधिकांश केन्द्रों की व्यवस्थाएं कागजों में चल रही है। प्रशासनिक अधिकारियों ने केन्द्रों के निरीक्षण की अपनी जिम्मेदारी से जैसे पल्ला ही झाड़ रखा है। ऐसे में कार्रवाई का डर तो है ही नहीं।
सरकार के स्तर का है मामला
- परियोजना अधिकारी के पद पर नियुक्ति सरकार के स्तर का मामला है। व्यवस्था ना बिगड़े इसके पूरे प्रयास किए जा रहे है।
- कृष्णा शुक्ला उपनिदेशक

Anil Sharma Desk
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