नियमों की अनदेखी : कोटा रेलवे स्टेशन पर बिना स्क्रीनिंग प्रवेश

राज्य सरकार ने अनलॉक-4 गाइड लाइन जारी कर बाहर से आने वाले यात्रियों की नियमित रूप से थर्मल स्क्र ीनिंग, ऑक्सीजन सेचुरेशन की जांच की बात कही है, लेकिन दिल्ली-मुम्बई मार्ग पर बसे कोटा मंडल के रेलवे जंक्शन पर राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों की नियमित रूप से न तो थर्मल स्क्रीनिंग हो रही, न ऑक्सीजन सेचुरेशन की जांच की जा रही है।

 

By: Abhishek Gupta

Published: 12 Jul 2021, 04:04 PM IST

कोटा. राज्य सरकार ने अनलॉक-4 गाइड लाइन जारी कर बाहर से आने वाले यात्रियों की नियमित रूप से थर्मल स्क्र ीनिंग, ऑक्सीजन सेचुरेशन की जांच की बात कही है, लेकिन दिल्ली-मुम्बई मार्ग पर बसे कोटा मंडल के रेलवे जंक्शन पर राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों की नियमित रूप से न तो थर्मल स्क्रीनिंग हो रही, न ऑक्सीजन सेचुरेशन की जांच की जा रही है। बिना जांच के बाहरी यात्री शहर में प्रवेश कर रहे हैं। इससे शहर में संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
दोनों गेटों पर नहीं जांच की सुविधा

पत्रिका संवाददाता रविवार दोपहर करीब 12 बजे स्टेशन पर पहुंचा तो आने-जाने वाले दोनों प्रवेश द्वार पर किसी भी यात्री की थर्मल स्क्रीनिंग व ऑक्सीजन सेचुरेशन की जांच नहीं हो रही थी। उसी समय पटना-कोटा ट्रेन आने पर बड़ी संख्या में यात्री जाने वाले प्रवेश द्वार पर पहुंचे। गेट पर चिकित्सा विभाग की टीम बैठे थी। वह जरूर बाहर से आने वाले यात्रियों की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट देख रही थी तो कुछ कर्मचारी यात्रियों के सैम्पल ले रही थी, लेकिन गेट पर किसी भी यात्री की थर्मल स्क्रीनिंग व ऑक्सीजन सेचुरेशन की जांच नहीं की गई। बिना जांच के यात्री शहर में प्रवेश करते मिले।

डेल्टा वेरिएंट का बड़ा कारण

चिकित्सा विभाग के अनुसार, कोरोना की दूसरी लहर में कोटा में डेल्टा वेरिएंट का बड़ा कारण भी बाहर से आने वाले यात्री ही रहे हैं। दिल्ली-मुम्बई मार्ग पर बसे कोटा में राज्य से बाहर से उद्यमी, व्यापारी, कोचिंग स्टूडेंट, कई मजदूर वर्ग आते है।

नहीं मिल पा रहा सहयोग
रेलवे स्टेशन पर चिकित्सा विभाग के सेम्पलिंग टीम प्रभारी नरेश पारेता ने बताया कि पहले रेलवे का पूरा सहयोग मिल रहा था। गेटों पर कुछ जवान तैनात कर रखे थे। वे प्रत्येक यात्री को रोककर लाइन में लगाकर थर्मल स्क्रीनिंग, ऑक्सीजन सेचुरेशन, जांच रिपोर्ट व सेम्पलिंग करवाने में सहयोग करते थे, लेकिन बीते कुछ दिनों से सहयोग नहीं मिल रहा है। इस कारण राज्य से बाहर से आने वाले यात्रियों की पूरी तरह से जांच नहीं हो पा रही है, फिर भी हम कोशिश कर जितना हो सके हमारे कर्मचारियों का सहयोग लेकर यात्रियों की जांच करते है। हम बाहर से आने वाले यात्रियों के आरटीपीसीआर जांच के लिए सेम्पल भी ले रहे हैं।

रेलवे को लिखेंगे पत्र
सीएमएचओ डॉ. बी.एस. तंवर का कहना है कि स्टेशन पर बाहर से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग व ऑक्सीजन सेचुरेशन जांच की सुविधा रेलवे को करनी चाहिए। हमने पहले भी पत्र लिखकर करवाई थी, फिर पत्र लिखकर जांच की सुविधा की व्यवस्था करवाएंगे। वैसे हमारी सेम्पलिंग टीम बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच व सेम्पलिंग करती है।

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