राजस्थान के इस शहर में 23 फीसदी बिजली चोरों के हवाले

प्रदेश के पावर हाउस के हाल, बिल चुकाने वालों को ट्रिप के झटके, कोटा में हर माह 5.90 करोड़ की बिजली चोरी, चोरी रोकने में नाकाम साबित हो रहे बिजली कम्पनी के अफसर

 

By: KR Mundiyar

Published: 12 Jul 2021, 01:25 PM IST

कोटा.
प्रदेश के पावर हाउस कोटा शहर में बिजली को लूटकर आम जनता के हक पर डाका डाला जा रहा है। एक तरफ कई लोग बिजली का बिल ज्यादा आने से परेशान हैं। वहीं दूसरी ओर कई क्षेत्रों में खुलेआम बिजली चोरी की जा रही है। बिजली चोरी रोकने के लिए विद्युत थाना भी है। इसके बावजूद कोटा शहर में बिजली चोरी करने वालों पर प्रभावी तरीके से लगाम नहीं लगाई जा रही है। कोटा शहर में हर माह करीब 5 करोड़ 90 लाख रुपए की बिजली चोरी हो रही है।

जयपुर विद्युत वितरण निगम ने कोटा शहर में विद्युत आपूर्ति के लिए केईडीएल कम्पनी को फ्रेन्चाइजी के रूप में नियुक्त कर रखा है। ऐसे में चोरी-छीजत रोकने की जिम्मेदारी भी कम्पनी की है। कोटा शहर में ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां खुलेआम बिजली के इन्सुलेटेड तार काटकर एवं एलटी लाइनों आंकड़े लगाकर अवैध रूप से बिजली लूटी जा रही है। आलीशान बंगलों से लेकर कॉलोनियों में कई तरीकों से बिजली चोरी के मामले भी सामने आ रहे हैं। अधिकतर जगहों पर तो बिजली कम्पनी प्रभावी कार्रवाई करने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रही। पिछले दिनों बिजली चोरी रोकने गए कम्पनी के कार्मिकों पर कुछ जगहों पर तो दबंगों के हमले भी हो चुके हैं तो कुछ जगहों पर कार्मिकों ने भागकर अपनी जान बचाई। आखिर कोटा में बिजली चोरी पर अंकुश कैसे लगेगा के सवाल पर कम्पनी के अफसर लाचारी दिखाने के अलावा कोई जवाब देने से भी कतरा रहे हैं।


60 कॉलोनियों में 51 प्रतिशत चोरी-

कोटा शहर में 23 फीडर तो ऐसे हैं, जिनसे जुड़ी करीब 60 से अधिक कॉलोनियों व बस्तियों में औसतन 51 प्रतिशत बिजली चोरी हो रही है। इन फीडरों में से किसी पर 40 तो किसी पर 80 प्रतिशत से भी अधिक बिजली चोरी है।


कोरोना साल में 70 करोड़ का फटका-

कोरोना काल यानी बीते वित्तीय वर्ष अप्रेल 2020 से मार्च 2021 तक 70 करोड़ 90 लाख रुपए की बिजली चोरी हो चुकी है। इन आंकड़ों के अनुसार कोटा में हर माह 5 करोड़ 90 लाख एवं प्रतिदिन लगभग 20 लाख रुपए की बिजली चोरी हो रही है।


कोटा के घंटाघर क्षेत्र में सबसे ज्यादा चोरी-

आंकड़ों के अनुसार कोटा शहर में सर्वाधिक बिजली चोरी घंटाघर क्षेत्र में हो रही है, यहां चोरी का आंकड़ा 80 फीसदी तक पहुंच चुका है।

यहां 51 प्रतिशत बिजली चोरी-
अनंतपुरा, सुभाष विहार संजय नगर, उडिय़ा बस्ती, विज्ञान नगर सेक्टर 3, 6 व 7, साजीदेहड़ा, किशोरपुरा, वक्फनगर हजीरा बस्ती, अधरशिला, शिवपुरा, कैथूनीपोल, चश्मे की बावड़ी, पाटनपोल, शिवदास घाट, रेतवाली, रामपुरा, लाडपुरा, मकबरा, हरिओमनगर, गोविंदनगर, प्रेमनगर प्रथम, द्वितीय व तृतीय, वॉम्बे योजना, कंसुआ अफोर्डेबल इंदिरा गांधी नगर कच्ची बस्ती, छावनी, रामचंद्रपुरा, रायपुरा, कोटड़ी, भोई मोहल्ला, घोड़ा बस्ती, दुर्गाबस्ती, नयापुरा, इस्माइल चौक, केसर बाग, मन्ना कॉलोनी, प्रगति नगर, शिवनगर, सूर्या नगर, लाजपत नगर फै्रंडस कॉलोनी, श्याम विहार हुसैनी नगर, संजयनगर डडवाड़ा, काला तालाब, महात्मागांधी कॉलोनी, बडग़ांव, बालिता, नांता, सकतपुरा, इकबाल चौक हथाई का चौक, काली बस्ती, पत्थरमंडी, क्रेशर बस्ती।

5 साल में मात्र 7 फीसदी अंकुश-
बिजली कम्पनी ने सितम्बर 2016 में कोटा शहर की कमान संभाली थी, उस समय बिजली चोरी का आंकड़ा औसतन 30 फीसदी था। वर्तमान में पूरे शहर की बिजली चोरी का औसत 23 फीसदी है। बीते5 साल में बिजली चोरी के आंकड़ों में मात्र 7 फीसदी की कमी आई है।

विद्युत आपूर्ति सुचारू रखना चुनौती-
बिजली चोरी से बिजली तंत्र पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। कुछ स्थानों पर लोग बिजली चोरी तो कर ही रहे हैं, विद्युत तंत्र को ठीक करने में भी बाधा डाल रहे हैं। अत्यधिक बिजली चोरी के कारण विद्युत लाइनों पर लोड बढऩे से ट्रिप हो रही है।

- प्रसन्नजीत धर, सीआरएम हैड, केईडीएल

Show More
KR Mundiyar
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned