नि:शुल्क भोजन उपलब्ध नहीं कराने पर रद्द होंगे इंदिरा रसोई के लाइसेंस

पहले इंदिरा रसोई पर भोजन करने पर 12 रुपए राज्य सरकार और 8 रुपए ग्राहक को देने होते थे, लेकिन अब लॉकडाउन में पूरा खर्च सरकार या निकाय उठाएंगे। कोटा जिले में 16 इंदिरा रसोई संचालित हैं। वहीं योजना से शहर में 22 कार्यस्थलों पर नियोजित श्रमिकों को दोनों समय का नि:शुल्क भोजन वितरण किया जा रहा है।

By: Jaggo Singh Dhaker

Published: 23 May 2021, 08:52 PM IST

कोटा. इंदिरा रसोई पर भोजन के बदले रुपए लिए जाने की शिकायतों पर स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आदेश है कि इंदिरा रसोई पर भोजन के बदलने किसी से रुपए की मांग नहीं की जाए। यदि कोई अपनी इच्छा से राशि देता तो वह अलग बात है, लेकिन हर जरूरतमंद को नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। कुछ जगह से रुपए मांगने की शिकायत आ रही हैं। ऐसी शिकायतें जिनके खिलाफ मिलेगी उनके इंदिरा रसोई के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। धारीवाल ने कहा, मुख्यमंत्री का संकल्प है कि लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में कोई भूखा नहीं सोए। इंदिरा रसोई पर जो भी आएगा उसे सरकार की ओर से भरपेट नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराना होगा। पहले इंदिरा रसोई भोजन करने पर 12 रुपए राज्य सरकार और 8 रुपए ग्राहक को देने होते थे, लेकिन अब लॉकडाउन में पूरा खर्च सरकार या निकाय उठाएंगे। कोटा जिले में 16 इंदिरा रसोई संचालित हैं। वहीं योजना से शहर में 22 कार्यस्थलों पर नियोजित श्रमिकों को दोनों समय का नि:शुल्क भोजन वितरण किया जा रहा है।

नगर निगम कोटा उत्तर की महापौर मंजू मेहरा ने बताया कि राज्य सरकार के आदेशानुसार इन्दिरा रसोई के माध्यम से लॉकडाउन के दौरान आमजनों को प्रतिदिन नि:शुल्क भोजन कराया जा रहा है। लॉकडाउन के दौरान इन्दिरा रसोई में भोजन करने आने वालों से किसी तरह का कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसका खर्चा सरकार नगर निगम या भामाशाह वहन करेगें। यदि कोई भामाशाह इन्दिरा रसोई के माध्यम से भोजन कराना चाहे तो वह प्रभारी अधिकारी नरेश राठौड़ से सम्पर्क कर सकते हैं। इन्दिरा रसोई में लाभार्थियों के अंशदान के लिए किराना व्यापार संघ रामपुरा ने 11 हजार रुपए की राशि प्रदान की है।

Jaggo Singh Dhaker
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