illegal mining : कालीसिंध नदी की पुलिया के पास के खनन पट्टे को निरस्त करने के निर्देश

सदन में सांगोद विधायक भरत सिंह ने अवैध खनन को लेकर उठाया सवाल

By: Dhirendra

Published: 07 Mar 2020, 06:44 PM IST

कोटा. उद्योग मंत्री परसादीलाल मीना ने शुक्रवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि कोटा जिले के ग्राम बड़ौद में कालीसिंध नदी पर स्टेट हाईवे 70 पर बनी पुलिया के पास खनन के लिए दिए गए पट्टे को निरस्त किया जाएगा।

मीना ने सांगोद विधायक भरतसिंह की ओर से इस संबंध में रखे गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का खान मंत्री की ओर से जवाब देते हुए कहा कि कथित रूप से नियम विरुद्ध खनन लीज देने संबंधी इस खनन पट्टे को निरस्त करने के संबंध में खान विभाग को निर्देश दे दिए गए हैं।

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इससे पहले मीना ने इस संबंध में अपने लिखित वक्तव्य में बताया कि कोटा जिला के ग्राम बड़ौद के पास उक्त पुलिया की अपस्ट्रीम में पुलिया से लगभग 100 मीटर की दूरी पर एक खनन पट्टा खनिज मेसेनरी स्टोर क्षेत्र में निकट ग्राम बम्बूलिया तहसील पीपल्दा जिला कोटा में अवधि 9 फरवरी 2018 से 8 फरवरी 2068 तक के लिए गिरिराज प्रसाद मीणा निवासी ढीबरी तहसील पीपल्दा जिला कोटा के पक्ष में प्रभावशाली है।

पुलिया को था खतरा

उन्होंने बताया कि उक्त खनन पट्टे के संबंध में जल संसाधन विभाग कोटा द्वारा पत्र 23 फरवरी 2019 से अवगत कराया गया कि खनन पट्टा क्षेत्र में खनन कार्य से कालीसिंध नदी बहाव क्षेत्र को अवरुद्ध किया जा रहा है व नदी किनारों को काटे जाने से पानी का दबाव इस हिस्से में बढऩे से खनन क्षेत्र के नीचे कोटा श्योपुरा स्टेट हाईवे की पुलिया की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न होने की संभावना व्यक्त की गई है। मौका निरीक्षण 25 फरवरी 2019 को किया गया, जिसमें पट्टाधारी द्वारा किए जा रहे खनन कार्य से नदी के किनारे कटने की संभावना बताई तथा खनन कार्य से पानी का बहाव अवरुद्ध होना नहीं पाया।

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फिर निरीक्षण किया

क्षेत्र का निरीक्षण पुन: 17 फरवरी 2020 को अधीक्षण अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग कोटा, अधीक्षण अभियंता, जल संसाधन विभाग, कोटा एवं खनि अभियंता, कोटा द्वारा किया गया। निरीक्षण में खनन कार्य पानी के किनारे से लगभग 80 मीटर तथा नदी की पुलिया से लगभग 130 मीटर की दूरी पर किया जाना पाया गया।
पट्टाधारी द्वारा खान से निकाली गई मिट्टी नदी के तीर क्षेत्र व नदी क्षेत्र में डाली हुई पाई गई तथा नदी के तीर क्षेत्र में से निकाल कर खनिज निर्गमन किया जा रहा है। निरीक्षण में उत्खनन कार्य से नदी का बहाव परिवर्तित होने तथा इससे बारिश में पुलिया का एप्रोच रोड टूटने व पुलिया को क्षति पहुंचने की भी संभावना बताई गई।

Dhirendra Desk
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