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Iron Deficiency Day: चॉक, मिट्टी खाने की इच्छा: कहीं आयरन की कमी तो नहीं ?

locationकोटाPublished: Nov 26, 2023 12:15:37 pm

Submitted by:

Abhishek Gupta

आयरन की कमी एक महत्वपूर्ण वैश्विक स्वास्थ्य समस्या है। जिसके चलते शरीर में हीमोग्लोबिन को बढ़ाने के लिए पर्याप्त आयरन उपलब्ध नहीं हो पाता है, जो आगे चलकर रक्त अल्पता अथवा एनिमिया की बीमारी के रूप में सामने आता है। वैसे, तो एनिमिया के आयरन की कमी के अलावा भी अन्य कई कारण होते है, लेकिन उन सब कारणों में प्रमुख कारण आयरन की कमी ही होता है, जो आयरन डेफिशियेंसी एनिमिया का कारण बनता है। महिलाओं में इसके होने की संभावनाएं अधिक होती है।

Iron Deficiency Day: चॉक, मिट्टी खाने की इच्छा: कहीं आयरन की कमी तो नहीं ?
Iron Deficiency Day: चॉक, मिट्टी खाने की इच्छा: कहीं आयरन की कमी तो नहीं ?

कोटा. आयरन की कमी एक महत्वपूर्ण वैश्विक स्वास्थ्य समस्या है। जिसके चलते शरीर में हीमोग्लोबिन को बढ़ाने के लिए पर्याप्त आयरन उपलब्ध नहीं हो पाता है, जो आगे चलकर रक्त अल्पता अथवा एनिमिया की बीमारी के रूप में सामने आता है। वैसे, तो एनिमिया के आयरन की कमी के अलावा भी अन्य कई कारण होते है, लेकिन उन सब कारणों में प्रमुख कारण आयरन की कमी ही होता है, जो आयरन डेफिशियेंसी एनिमिया का कारण बनता है। महिलाओं में इसके होने की संभावनाएं अधिक होती है। जिसके प्रमुख कारण माहवारी के दौरान रक्त स्त्राव, गर्भावस्था में बढ़ी हुई आयरन की आवश्यकता, पोषण के प्रति महिलाओं की लापरवाही व समाज में महिलाओं के प्रति दोयम दर्जा है।

कोटा मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पंकज जैन बताते है कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे 2019-2021 के अनुसार, 15 से 49 आयु वर्ग में जहां पुरुषों में एनिमिया 25 प्रतिशत पाया गया। वहीं महिलाओं में इसका प्रतिशत 57 प्रतिशत था।

प्रमुख कारण

माहवारी के दौरान अत्यधिक रक्त स्त्राव

पेट की कई बीमारियां जैसे अल्सर, पॉलिप व आंतों में कैंसर से खून की कमी

आंतों द्वारा आयरन को अवशोषित करने में असमर्थता

गर्भावस्था-बढ़ी हुई आवश्यकता की पर्याप्त मात्रा में पूर्ति ना होना।

अनियमित दिनचर्या व अंसतुलित आहार के चलते पोषण में आयरन की कमी

लक्षण

अत्यधिक थकान, कमजोरी, चक्कर आना, बदन दर्द, शरीर का सफेद पड़ जाना, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, धड़कन का तेज होना, बर्फ, मिट्टी, चॉक जैसे गैर पोषक पदार्थों को खाने की इच्छा होना

जटिलताएं

आयरन की कमी के चलते होने वाले एनिमिया के निदान के अभाव में अथवा इलाज ना लेने की अवस्था में कई ह्दय संबंधि बीमारियां की संभावना बढ़ जाती है। आयरन की कमी से बच्चों का विकास, गर्भावस्था में जटिलताएं, रेस्टलैस लैग सिंड्रोम का खतरा बना रहता है।

निदान

सामान्य जांचे जैसे सीबीसी, रक्त में आयरन का स्तर व फैरिटीन की जांच से इसका पता लगाया जा सकता है।

उपचार

चिकित्सक की सलाह पर आयरन की गोलियां ही इसका उपचार है। साथ ही अपने पोषण पर भी ध्यान देना होगा। गंभीर अवस्था में इंजेक्शन से आयरन व रक्त चढ़ाया जाता है।

बचाव

संतुलित व पौष्टिक आहार का सेवन करें।

दूध व दूध से बने उत्पादों का प्रयोग नियमित रूप से करें।

मांसाहार लेने वाले अंडों व रेड मीट का सेवन करें।

हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें।

आयरन की प्रचुरता वाले फल जैसे स्ट्रोबेरीज,तरबूत, खजूर, अंजीर, किशमिश, चुंकदर, सेब, अनार नियमित रूप से खाए।

विटामिन सी युक्त खाद्याय पदार्थ जैसे खट्टे फल, नींबू, टमाटर, आंवला, शरीर में आयरन के अवशोषण को बढ़ाते है।

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