बजट कम बताकर संवेदक ने थाना भवन निर्माण से खींचे हाथ

उपखंड क्षेत्र में जावदा पुलिस थाना घोषित हुए करीब छह साल से ज्यादा समय हो गया है। फिर भी थाना पुलिस चौकी के जर्जर भवन में संचालित हो रहा है, जिसके गिरने से कभी भी बढ़ा हादसा हो सकता है। रहने की जगह नहीं होने से जवानों को थाना परिसर में लगे टीनशेड के नीचे सर्दी व गर्मी में रातें गुजरानी पड़ती है।

DILIP VANVANI

December, 2811:08 AM

रावतभाटा. उपखंड क्षेत्र में जावदा पुलिस थाना घोषित हुए करीब छह साल से ज्यादा समय हो गया है। फिर भी थाना पुलिस चौकी के जर्जर भवन में संचालित हो रहा है, जिसके गिरने से कभी भी बढ़ा हादसा हो सकता है। हालात यह है कि रहने की जगह नहीं होने से जवानों को थाना परिसर में लगे टीनशेड के नीचे सर्दी व गर्मी में रातें गुजरानी पड़ती है।
पुलिस विभाग के अधिकारियों की माने तो जावदा में थाना वर्ष 2013 में घोषित हुआ था। इससे पहले चौकी थी। नया भवन नहीं होने से जावदा चौकी के बाहर ही पुलिस थाना लिखवा दिया। यह भवन भी करीब 30 साल पुराना है। हालात यह है कि भवन की छत से प्लास्टर गिरता है। बारिश के दिनों में छते टपकती हंै, जिससे सरकारी दस्तावेज गिले हो जाते हैं। यही नहीं थाने में थानाधिकारी व जवानों के क्वार्टर तक नहीं बने हुए हैं। थानाधिकारी अन्य जगह पर रहते हैं, जबकि जवानों के लिए थाना परिसर में ही टीनशेड लगवा रखा है। वे सर्दी, गर्मी व बारिश में इसी टीनशेड के नीचे रातें गुजरते हैं। थाने के जवानों की माने तो गर्मियों तो टीनशेड के नीचे आसानी से निकल जाती हैं लेकिन सबसे ज्यादा दिक्कतें सर्दी में आती है। सर्दियों में टीनशेड के नीचे सोना तो दूर की बात है। बैठा तक नहीं जाती है। यही स्थिति बारिश में होती है। बारिश में भी चारों तरफ गीला व कीचड़ हो जाता है।

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गड्ढे खोदने के बाद नहीं आए ठेकेदार के कर्मचारी
राज्य सरकार ने थाना बनवाने के लिए करीब दो करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। पुलिस हाउसिंग जयपुर की ओर से थाने के निर्माण को लेकर जयपुर की एक कंपनी को ठेका दिया है। इसके तहत पूरे भवन को तोड़कर नया बनवाना है। ठेकेदार के कर्मचारी करीब छह माह पहले थाने आए थे। यहां पर भराई के लिए गड्ढे भी खोदे थे लेकिन इसके बाद वे लौटकर नहीं आए। उधर उच्चाधिकारियों का कहना है कि थाने की जमीन सड़क से करीब 4 फीट नीचे है। इसको लेकर भराई में काफी खर्च होगा। ऐसे में कंपनी के प्रतिनिधि ने कार्य को आगे बढ़ाने में दिलचस्प नहीं दिखाई। वहीं अब दरें भी काफी बढ़ गई। संभवतया पुन: टेन्डर भी निकाले जा सकते हैं।

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डबल स्टोरी बननी थी
पुलिस विभाग के अनुसार जावदा थाने के पास करीब तीन हजार क्वायर गज जमीन है। पुराने भवन को गिराकर नया भवन बनाना हैं। करीब 10 से 12 कमरों को बनवाना है। इसमें थानाधिकारी कक्ष, स्टाफ के बैठने व काम करने के लिए अलग-अलग कक्ष, कम्प्यूटर रूम, महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग हवालात बनानी है। महिला व पुरुष पुलिस के जवानों के सोने के लिए अलग-अलग बैरिक बनाए जाने हैं।
वर्जन
नया जावदा थाना बनाने के लिए 2 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। नींव भराई को लेकर ठेकेदार के कर्मचारी गड्ढे खोदकर चले गए लेकिन वे पुन: लौटकर नहीं आए।
अशोक कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, रावतभाटा

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