कोटा में 9 केन्द्रों पर 2412 परीक्षार्थी देंगे जेईई

आईआईटी दिल्ली की ओर से 27 सितंबर को जेईई-एडवांस्ड परीक्षा होगी। देश के कुल 222 शहरों के लगभग 1150 परीक्षा केंद्र पर 1.60 लाख पंजीकृत परीक्षार्थी कम्प्यूटर बेस्ड मोड में पेपर देंगे।

 

 

By: Abhishek Gupta

Published: 23 Sep 2020, 01:46 PM IST

कोटा. आईआईटी दिल्ली की ओर से 27 सितंबर को जेईई-एडवांस्ड परीक्षा होगी। देश के कुल 222 शहरों के लगभग 1150 परीक्षा केंद्र पर 1.60 लाख पंजीकृत परीक्षार्थी कम्प्यूटर बेस्ड मोड में पेपर देंगे। कोविड गाइडलाइन के अनुसार, परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित क्षमता से 50 प्रतिशत परीक्षार्थियों को सोशल डिस्टेसिंग के साथ प्रवेश दिया जाएगा। कोटा में 9 परीक्षा केंद्रों पर 2412 परीक्षार्थी सीबीटी मोड में पेपर देंगे।

दो पारियों में होगी परीक्षा

सूत्रों के अनुसार, कोटा में प्रतिवर्ष 5 हजार विद्यार्थियों की क्षमता के सेंटर रहेंगे। इस वर्ष कोरोना के कारण 9 परीक्षा केंद्रों पर 2412 परीक्षार्थी (50 प्रतिशत) दो पारियों में पेपर देंगे। पहली पारी में सुबह 9 से 12 बजे तथा दूसरी पारी में दोपहर 2.30 से शाम 5.30 बजे तक सीबीटी मोड में परीक्षा होगी। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक सीट छोड़कर दूसरी सीट पर परीक्षार्थी पेपर देंगे।

सभी 9 सेंटर यूपीएस आधारित होंगे

कोटा में ओम कोठारी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च अनंतपुरा, शिवज्योति इंटरनेशनल स्कूल, सर्वोदय सिनोइक्स सेंटर रानपुर, शिवज्योति स्कूल इंद्रविहार में 2 केंद्र, सिटी माल के पीछे राजीव गांधी कम्प्यूटर साक्षरता सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पलेक्स में वायवल सॉल्यूशन, डीसीएम रोड पर बिट्स एंड बाइट इंफ ोकॉम को ऑनलाइन परीक्षा केंद्र बनाए गए।

मिलेगा नया मास्क

केन्द्रों पर बेरिकेडिंग में सर्किल बनाकर थर्मल स्केनिंग, सेनेटाइजर, मास्क आदि की व्यवस्था कर दी गई है। प्रत्येक परीक्षार्थी को सेंटर पर नया मास्क दिया जाएगा। पानी की बोतल साथ ला सकते हैं। प्रवेश पत्र व सेल्फ डिक्लेरेशन फ ॉर्म सेंटर पर जमा कराना होगा।

जूमर से होगी मजबूत डिजिटल सुरक्षा

आईआईटी दिल्ली ने अधिकृत टीसीएस कंपनी की विशेषज्ञ टीमें परीक्षा केंद्रों पर नेटवर्किंग व गाइडलाइन के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रही है। यह प्रवेश परीक्षा क्लाउड बेस्ड सिस्टम से होगी। प्रत्येक केंद्र पर ऑब्जर्वर टीम कैमरे से मॉनिटरिंग करेगी। सभी परीक्षार्थियों को सेंटर पर मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना है, जिससे किसी डिजीटल उपकरण का पता चल सकेगा। जेईई-एडवांस्ड में भी कमांड सेंटर दिल्ली ने 'जूमरÓ से ऑनलाइन नेटवर्क को नियंत्रित रखा जाएगा। जिससे परीक्षा केंद्र के प्रत्येक कमरे में मोबाइल, ब्लू टूथ या अन्य कोई इलेक्ट्रानिक टूल्स काम नहीं करेंगे। पेपर देते समय जूमर द्वारा नेटवर्क की फीक्वेंसी को ब्रेक कर दिया जाएगा। जिससे उस रेंज में मोबाइल भी बंद रहेंगे। कोटा में टीसीएस की टीम परीक्षा केंद्रों पर अत्याधुनिक तकनीक से जीरो एरर की टेस्टिंग कर रही है। किसी सेंटर पर कारणवश अचानक बिजली गुल हो जाने पर यूपीएस से विद्यार्थियों का बेकअप डेटा सुरक्षित रहेगा। तत्काल जनरेटर व्यवस्था चालू कर दी जाएगी।

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