कोटा. हाड़ौती में बारिश इस बार देर से शुरू हुई है। कोटा बैराज में इस बार अभी तक पानी कम आया है, लेकिन रविवार को हुई बारिश के बाद चंबल नदी के बांधों में जलप्रवाह बढ़ गया है। वहीं मध्यप्रदेश में दो दिन से हो रही भारी बारिश के चलते रविवार को मध्यप्रदेश से बहकर राजस्थान में आने वाली कालीसिंध और पार्वती नदी उफान पर आ गई। लगातार पानी की भारी आवक के चलते राजस्थान की सीमा में इस नदी के ज्यादातर पुल पानी में डूब गए। स्टेट हाइवे 70 कोटा जिले में बड़ौद के पास पुल पर काफी पानी आने से आवागमन बंद हो गया है। कोटा और मध्यप्रदेश का आवागमन सुबह से ही बंद है। उधर, चम्बल नदी के सबसे बड़े बांध गांधी सागर में एक ही दिन में चार फीट पानी आ गया है। शाम तक गांधी सागर का जल स्तर 1300.71 फीट को पार कर गया था, इस बांध की कुल जल भराव क्षमता 1312 फीट है। चार लाख क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। कोटा बैराज के दो गेट शनिवार से लगातार खुले हुए हैं। तीन हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। कोटा जिले के बड़ौद ढीपरी में कालीसिंध नदी में पानी आने से कोटा-इटावा मार्ग बंद हो गया है। यह मार्ग राजस्थान को श्योपुर, शिवपुरी मध्यप्रदेश से जोड़ता है। पुलिया पर पांच फीट पानी आ गया है। कालीसिंध और पार्वती नदी क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। कई जगह बेरिकेट्स लगाकर रास्ते बंद कर दिए हैं। खातौली क्षेत्र चंबल नदी में हो रही पानी की लगातार आवक से झरेल पुल पर करीब 30 फीट से अधिक पानी आ गया है।

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