पीएम मोदी की इस महत्वाकांशी योजना को लेकर आई बड़ी खबर, कोर्ट ने कलक्टर और यूआईटी सचिव को लगाई फटकार..

Mukesh Sharma

Publish: Jun, 24 2019 09:16:42 PM (IST) | Updated: Jun, 24 2019 09:18:06 PM (IST)

Kota, Kota, Rajasthan, India

कोटा. स्थायी लोक अदालत ने यूआईटी सचिव व जिला कलक्टर को नोटिस जारी किया है। अदालत ने उनसे अब तक स्मार्ट सिटी विकसित करने का काम शुरू नहीं होने के बारे में 24 सितम्बर तक जवाब मांगा है। अधिवक्ता लोकेश कुमार सैनी ने स्थायी लोक अदालत में प्रस्तुत जनहित याचिका में बताया कि शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की प्रकिया पिछले तीन वर्ष से चल रही है, लेकिन अभी तक मास्टर प्लान भी पूरी तरह से अस्तित्व में नहीं आ पाया।

मास्टर प्लान बनने के डेढ़ वर्ष बाद भी इसका प्रभाव नजर नहीं आ रहा। मास्टर प्लान के बाद 121 दिन में ही जोनल प्लान तैयार होना था। जो अभी तक नहीं बन सका। मास्टर प्लान बनाने में तीन करोड़ रुपए खर्च हो गए। इसमें 2031 तक 21 लाख लोगों को बसाने के 15,716 एकड़ अतिरिक्त आवासीय क्षेत्र प्रस्तावित है। वर्तमान में 2023 व 2031 दोनों ही प्रभावी है। इसके लिए मास्टर प्लान 2031 में 49,052 एकड़ अतिरिक्त नगरीयकरण योग्य क्षेत्रफल प्रस्तावित है।

ऐसे चलनी थी प्रकिया
मास्टर प्लान के बाद तैयार किए जाने वाले जोनल प्लान में योजना में बेहतर रोड केनेक्टिविटी, आबादी के हिसाब से कई स्थानों पर नए सुविधा केन्द्र विकसित किए जाने थे। इसके अलावा सड़क निर्माण, नई आवासीय योजनाएं, व्यवसायिक योजनाएं और जनसुविधाओं की कार्ययोजना तैयार की जानी थी। जोनल प्लान को 11 चरणों में बांटा जाना था। इसमें प्रथम चरण में जोन की क्षेत्र सीमा, दूसरे चरण में योजना का आधारभूत मानचित्र और डाटा संग्रह का कार्य, तीसरे चरण में राजस्व नक्शे, नगर निगम बोर्ड, मुख्य संरचनाओं और भूमि के मूल टाइटल के हिसाब से रिपोर्ट बनानी थी। चौथे चरण में आधारभूत मानचित्र के अनुसार भौतिक सत्यापन किया जाएगा। पांचवें चरण में नगर नियोजन विभाग की ओर से अंतिम जोनल डवलपमेन्ट प्लान बनाया जाएगा। आपत्तियां व सुझाव आमंत्रित किए जाने थे।

इस प्रकार के विकास के अन्य चरण व अंतिम 11वें चरण में जोनल डवलपमेंट प्लान राज्य स्तरीय भू उपयोग समिति के समक्ष पेश कर इसका प्रकाशन किया जाना था। शहर में कोटड़ी तालाब, सूरसागर तालाब, उम्मेदगंज तालाब, अनंतपुरा तालाब व लखावा तालाब का सौन्दर्यीकरण प्रस्तावित है, लेकिन इसका कोई कार्य शुरू नहीं हुआ। इस मामले में स्थायी लोक अदालत ने जिला कलक्टर व यूआईटी सचिव को नोटिस जारी कर 24 सितम्बर 2019 तक जवाब तलब किया।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned