यहां खेतों पर गिरती हैं बिजलियां, तबाह होता अन्नदाता

झूलते बिजली के तारों के तेज हवा से आपस में टकराने से उठी चिंगारी खेतों में किसानों की मेहनत को खाक कर रही है।

By: Dhitendra Kumar

Published: 10 Apr 2019, 07:30 AM IST

कोटा/ सांगोद.

जिलेभर में खेतों में झूलते बिजली के तारों को ऊंचा करने को लेकर विद्युत निगम की अनदेखी भी किसानों की उम्मीदों को झटका दे रही है। झूलते बिजली के तारों के तेज हवा से आपस में टकराने से उठी चिंगारी खेतों में किसानों की मेहनत को खाक कर रही है। हर साल बिजली के तारों में स्पार्किंग से फसलें जलने के दर्जनों मामले सामने आते हैं। बावजूद इसके विद्युत निगम खेतों में झूलते बिजली के तारों को उंचा करने में गंभीरता नहीं दिखा रहा। ऐसे में खेतों में आगजनी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
कोटा जिले के सांगोद क्षेत्र को ही लें। अधिकांश गांवों में खेतों में निकल रहे बिजली के तार झूल रहे हैं। बरसों से निगम द्वारा ऐसे में जरा सी तेज हवा चलते ही तारों में स्पार्किंग से उठी चिंगारी खेतों में किसानों की पसीने की मेहनत को तबाह कर रही है।
किसानों का दावा: सालों से नहीं ली सुध
किसान उमाशंकर, ग्यारसीराम किराड़ आदि ने बताया कि खेतों में निकल रही बिजली की लाइनें काफी कम उंचाई पर झूल रही हैं। कई जगह तो जमीन से इनकी उंचाई इतनी कम है कि कोई भी इन्हें आसानी से छू सकता है। सालों से निगम ने इनकी सुध नहीं ली। फीडर सुधार के नाम पर हर साल करोड़ों रुपए खर्च करते हैं लेकिन समस्या जस की तस है। खास बात यह कि किसानों की इस पीड़ा से किसी नेता या जनप्रतिनिधि को भी सरोकार नहीं है। चुनावों तक में यह मुद्दा गायब रहता है।

मौत तक हो चुकी हादसों में
खेतों में झूलते बिजली के तारों के टकराने से छोटे मोटे हादसे तो हर साल होते हैं लेकिन कई बड़े हादसों में लोगों की जान तक जा चुकी है। कुछ साल पूर्व मामोर गांव के पास खेत में ट्रॉली में भूसा भरते समय ट्रॉली के बिजली के तारों के छूने से तीन श्रमिक जिंदा जल गए थे। बोरीना गांव में भी दो साल पूर्व हुए एक ऐसे ही हादसे में एक मासूम समेत दो जनों की मौत हो गई थी। वहीं खेतों में चरते पशुओं के करंट से मौत होने के मामले हर साल सामने आते हैं। हादसों के बाद अधिकारी बस मुआवजे का भरोसा दिलाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।

कटौती कर झाड़ रहे पल्ला

तेज हवा व अंधड़ के दौरान बिजली के तारों में स्पार्किंग ना हो इसलिए गर्मी में फसल कटाई के दौरान निगम दिन में बिजली कटौती शुरू कर देता है। अब निगम अधिकारियों ने समस्या से बचाव की नई कवायद शुरू की है। किसान फसल कटाई के लिए हार्वेस्टर मशीन बुलाने से पहले व झूलते तारों से स्पार्किंग का अंदेशा होने पर बिजली भी बंद करा सकेंगे। इसके लिए किसानों को सांगोद कार्यालय के टोल फ्री नम्बर 07450-233225 व 6376917457 पर सूचना देनी होगी।

बिजली बंद करा सकते हैं
इस बारे में बिजली निगम के सहायक अभियंता दिनेश मेघवाल का कहना है कि आमतौर पर कंबाइन मशीन के खेतों में ले जाते समय झूलते तारों के टकराने से स्पार्किंग से आग लग जाती है। इसके लिए किसान जानकारी देकर बिजली बंद करवा सकते हैं। जहां तार झूल रहे हैं वहां खेत खाली होने के बाद ही उन्हें दुरस्त करवाया जा सकता है। जहां शिकायत मिलती है वहां तत्काल तारों को ऊंचा करवाया जाता है।

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Dhitendra Kumar Desk
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