कोटा का नयापुरा थाना लाइन हाजिर, थानाधिकारी निलंबित

कोटा शहर में पुलिस हिरासत में हुई युवक की मौत के मामले की न्यायिक जांच होगी। परिजनों का आरोप है कि युवक की पुलिस ने ज्यादा पिटाई की, इस कारण उसकी मौत हो गई। वहीं पुलिस मौत के कारण स्पष्ट नहीं कर पाई है।

By: Jaggo Singh Dhaker

Updated: 23 Sep 2021, 09:45 PM IST

कोटा. पुलिस हिरासत में युवक की मौत के मामले में कोटा के नयापुरा थानाधिकारी को निलंबित किया गया है, जबकि थाने के 33 पुलिसकर्मियों को लाइन जाहिर किया गया है। इस मामले में थाने के बाहर धरने पर बैठे परिजनों से गुरुवार शाम को भारी पुलिस जाप्ते के बीच उपखंड मजिस्ट्रेट मिले। वहां मृतक के परिजनों को छह लाख रुपए नकद मुआवजा दिया गया, जबकि दो लाख रुपए का चेक दिया। एक परिजन को संविदा पर नौकरी देने की घोषणा के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। नयापुरा थाने के बाहर मृतक के परिजनों के साथ भाजपा कार्यकर्ता बुधवार रात से ही धरने पर बैठे थे, जो दूसरे दिन गुरुवार शाम को उनकी मांगें मान लेने के बाद खत्म हो गया। उधर, एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में दोपहर में मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद मृतक का मेडिकल बोर्ड की तीन सदस्यीय टीम ने पोस्टमार्टम किया। इसके बाद शव शाम को परिजनों को सौंप दिया गया। इस पूरे मामले की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट को सौंपी है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक शहर विकास पाठक ने नयापुरा थानाधिकारी मुकेश मीणा को निलंबित कर दिया। जबकि उप निरीक्षक दुर्गाशंकर गौतम, सहायक उप निरीक्षक दुर्गालाल, महेन्द्र सिंह, रणधीर सिंह, मो. युनूस सहित 33 अन्य हैडकांस्टेबल व कांस्टेबल को लाइन हाजिर किया है।

यह था मामला
नयापुरा निवासी कमल लोधा (32) बुधवार को घर पर हंगामा कर रहा था। उसकी बुआ के बेटे रवि ने नयापुरा थाने में रिपोर्ट दी। इसके बाद 2 पुलिसकर्मी कमल को थाने ले आए। शाम 6 बजे कमल की मां गुलाब बाई खाना देने थाने पहुंची तो पुलिसकर्मियों ने बताया कि कमल ने हिरासत में फंदा लगा लिया। आक्रोशित परिजनों व लोगों ने पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप लगा देर रात तक नयापुरा थाने पर प्रदर्शन किया। नयापुरा थाने के स्टाफ को मौत जिम्मेदार मानते हुए हटाने की मांग की।

Show More
Jaggo Singh Dhaker
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned