कोटा विवि : मैस के खाने को लेकर भड़के छात्र, सड़ी सब्जियां व टंकी के गंदे पानी से खाना बनाने का आरोप

छात्रों ने किया मैस के खाने का बहिष्कार, मैस संचालक ताला लगाकर भाग गया

 

Rajesh Tripathi

November, 1609:41 PM

कोटा. कोटा विश्वविद्यालय में संत पीपाराम छात्रावास में रहने वाले छात्रों ने शनिवार शाम को मैस के खाने का बहिष्कार कर दिया। छात्रों का आरोप है कि मैस संचालक उन्हें सही खाना नहीं देता है। टंकी के गंदे पानी से खाना पकाकर देता है। सब्जियों का भी सही उपयोग नहीं किया जा रहा है। छात्रों के विरोध के चलते मैस संचालक मैस बंद कर चला गया। मामला विवि कुलसचिव के पास पहुंचा। उन्होंने हॉस्टल वार्डन व अन्य अधिकारियों को छात्रों की समस्या समाधान करने व खाना खिलाने की व्यवस्था के निर्देश दिए।

हॉस्टल के छात्रों ने बताया कि विवि परिसर में एससी-एसटी छात्रों के लिए संत पीपाराम हॉस्टल बना है। यहां विवि प्रशासन की ओर से मैस संचालन के लिए टेण्डर किया हुआ है। कई दिनों से मैस संचालक सही खाना नहीं दे रहा है। टंकियों के गंदे पानी से खाना पकाया खिलाया जा रहा है। सडी सब्जियों का उपयोग किया जा रहा है। जब उसका विरोध करते है तो झगड़े पर आमदा हो जाता है। मैस बंद करने की धमकी दी जाती है। हॉस्टल में वर्तमान में करीब 70 से 80 छात्र रहते है। इस मामले में पहले भी वार्डन को शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही है। शनिवार शाम को भी खाना सही देने पर छात्रों ने विरोध कर दिया। छात्र बाहर आ गए। विरोध के चलते संचालक मैस बंद कर चला गया। ऐसे में छात्रों के सामने खाने का संकट खड़ा हो गया। भूखे-प्यासे छात्र बाहर ही खड़े रहे। छात्रों ने छात्रसंघ महासचिव दीपक सुमन को बुलाकर पूरे मामले से अवगत कराया। महासचिव ने विवि प्रशासन को सूचित किया। कुलसचिव आरके उपाध्याय ने हॉस्टल वार्डन केआर चौधरी व चीफ वार्डन ओपी ऋषि को छात्रों से बातचीत के लिए भेजा। उन्होंने बच्चों की कमेटी से बात कर समझाइश की। उधर, कुलसचिव आरके उपाध्याय ने बताया कि हॉस्टल में मैस के विरोध को लेकर मामला सामने आया था। हॉस्टल वार्डन व अन्य अधिकारियों को समझाइश के लिए भेजा है। यदि बात नहीं बनती है तो छात्रों को बुलाकर खुद बात करेंगे।

Rajesh Tripathi
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