निजी ट्रेनों को नहीं चलने देंगे, कोटा से हुआ ऐलान

रेलवे में निजीकरण के विरोध में आंदोलन का आगाज हो गया है। कोटा में रेलकर्मियों ने यह ऐलान किया है कि पश्चिम मध्य रेलवे से निजी ट्रेनों को नहीं गुजरने दिया जाएगा।

By: Jaggo Singh Dhaker

Published: 17 Sep 2020, 09:35 PM IST

कोटा. भारतीय रेलवे (indian Railways) में निजीकरण के खिलाफ अब आंदोलन शुरू हो गया है। कोटा में रेलकर्मियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि पश्चिम मध्य रेलवे से निजी ट्रेनों को नहीं गुजरने दिया जाएगा। वे किसी तरह की जोखिम लेंगे, लेकिन निजी ट्रेनों को नहीं चलने देंगे। रेलकर्मियों ने सालों तक खून पसीना एक करके रेलवे को यहां तक पहुंचाया है। अब इसे बेचने नहीं दिया जाएगा। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फैडरेशन एवं वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन की ओर से गुरुवार को वाहन रैली निकालकर विरोध जताया गया।
रैली रेलवे यूनियन कार्यालय से रवाना हुई और बजरिया, भीमगंजमंडी थाने से जेकेलोन अस्पताल, विवेकानन्द सर्किल से खेड़ली फाटक होते हुए कोटा जंक्शन के सामने समाप्त हुई। यहां सभा मे यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने कहा, रेलवे ने 109 रेलमार्गों पर 151 यात्री गाडिय़ों का संचालन निजी हाथों में देने का फैसला कर लिया है। कारखानों का निगमीकरण करने रेलवे स्टेशनों को उद्योगपतियों को बेचने का प्रयास जारी है। कर्मचारियों के कार्यों को ठेकेदारों के माध्यम से कराए जाने से नाराज रेल कर्मचारियों ने अब आम जनता के साथ मिलकर आंदोलन तेज करेंगे। रेलवे के निजीकरण से रेल कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय होगा ही इसके साथ प्रतिदिन यात्रा करने वाले छात्रों, महिलाओं और आमजन परेशानी होगी। गालव ने कहा, वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे से एक भी निजी ट्रेन को निकलने नहीं दिया जाएगा। इसके विरोध में शुक्रवार को 7.30 बजे विशाल मशाल जुलूस का आयोजन रेलवे कॉलोनी में होगा।

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