जन्मेंगे कृष्ण कन्हाई..मथुराधीश जी समेत मुख्य मंदिरों में यह रहेगा दर्शन का समय

जन्मेंगे कृष्ण कन्हाई..मथुराधीश जी समेत मुख्य मंदिरों में यह रहेगा दर्शन का समय

Shailendra Tiwari | Publish: Sep, 02 2018 08:22:30 PM (IST) Kota, Rajasthan, India

कृष्ण जन्माष्टमी, नंदोत्सव मनाएंगे

कोटा। कृष्ण जन्माष्टमी सोमवार को हर्षोल्लास से मनाई जाएगी। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी पर रात को 12 बजे पालनहार जन्मेंगे। जन्म पर शालिगराम का पंचामृत स्नान करवाया जाएगा, माखन मिश्री,पंजेरी, मेवे का भोग लगाया जाएगा। घंटे-घडिय़ाल, शंखनाद, भजन कीर्तन के साथ भगवान का स्वागत किया जाएगा। व्रत पूजन व उपवास किए जाएंगे। घर व मंदिरों में कृष्ण जन्मोत्सव की छटा बिखरेगी। पाटनपोल नंदग्राम क्षेत्र स्थित मथुराधीश जी के बड़े मंदिर, महाप्रभुजी, बृजनाथ जी , फूल बिहारी जी, दाऊजी सूरजपोल मंदिर में परम्परागत ढंग से जन्माष्टमी मनाई जाएगी। कई मंदिरों में मनभावन झांकियां सजाई जाएंगी। ये शाम के समय दर्शनार्थियों के लिए खोल दी जाएंगी। मंगलवार को मंदिरों में नंदोत्सव की धूम रहेगी।

रविवार को मंदिरों में आयोजन की तैयारियोंं को अंतिम रूप दिया गया। मंदिरों को आकर्षक रूप से सजाया गया। तलवंडी व डीसीएम में झांकियां दर्शनार्थियों के लिए खोल दी गई।

 

 

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प्रमुख मंदिरों में दर्शन क्रम
नंदग्राम पाटनपोल स्थित मथुराधीश जी के बड़े मंदिर में सुबह 5 बजे ठाकुरजी के पंचामृत स्नान के दर्शन,सुबह 9 से 10 बजे के बीच समय सेवा के अनुकूल तिलक के दर्शन, 11.30 से 12 बजे के मध्य राजभोग, शाम को 6 बजे से उत्थापन के दर्शन, रात को 10 से 11 बजे तक जागरण के दर्शन करवाए जाएंगे। रात्रि 12 बजे जन्म के दर्शन करवाए जाएंगे। 4 सितम्बर को नंदोत्सव मनाया जाएगा। ठाकुरजी के स्वर्ण पलने में दर्शन करवाए जाएंगे।

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नंदग्राम स्थित महाप्रभुजी के बड़े मंदिर के प्रबन्धक गोस्वामी विनय बाबा के अनुसार सुबह 5 बजे ठाकुरजी के पंचामृत स्नान के दर्शन, 8बजे से तिलक उत्सव के दर्शन, शाम को 6 बजे उत्थापन, 8 बजे शयन आरती, 10 बजे जागरण के दर्शन व 12 बजे जन्म के दर्शन करवाए जाएंगे। अगले दिन 4 सितम्बर को सुबह 9 बजे से पलना नंदमहोत्सव मनाया जाएगा। ठाकुरजी के चांदी के पलने में दर्शन करवाए जाएंगे।

 

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देवस्थान विभाग के मैनेजर अश्विन कुमार के अनुसार गढ़ पैलेस स्थित बृजनाथ जी के मंदिर में सुबह 7 बजे मंगला, 7.30 बजे ठाकुरजी के पंचामृत स्नान, 10 बजे तिलक दर्शन,सुबह 11 बजे राजभोग,शाम को छह बजे उत्थापन,7 बजे संध्या भोग व आरती , 8.30 बजे शयन आरती रात्रि को 10.30 बजे से जागरण के दर्शन व 12 बजे पंचामृत स्नान व जन्म के दर्शन करवाए जाएंगे। जन्म दर्शन के मौके पर परम्परा के अनुरूप पूर्व राजपरिवार के सदस्य भी उपस्थित रहेंगे। देवस्थान विभाग के टिपटा स्थित फूल बिहारी, सूरजपोल स्थित दाऊजी व अन्य मंदिरों में भी यही क्रम रहेगा।

इन मंदिरो ंके अलावा टीलेश्वर महादेव, गीता भवन, राधाकृष्ण मंदिर, राधामाधव मंदिर कुन्हाड़ी समेत अन्य मंदिरों में मनभावन झांकियों के दर्शन करवाए जाएंगे

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