ताकि बनी रहे दो गज दूरी...

सभी संचालक पहले दिन से सोशल डिस्टेंसिंग के गोले बनाकर गाइडलाइन की पालना कर रहे हैं।

By: Haboo Lal Sharma

Published: 12 Nov 2020, 09:18 PM IST

कोटा. कोरोना महामारी का भय कहें या शहरवासियों की जागरूकता। जो भी हो कोरोना वायरस के खतरे को लेकर शहरवासी सर्तक हैं। वे भीड़भाड़ से बच रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग की पालना कर रहे हैं। घर व बाहर, दुकान, प्रतिष्ठानों पर मास्क का उपयोग किया जा रहा है। कहीं भी किसी भी तरह से थोड़ी सी लापरवाही में कोरोना जकड़ न ले,इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। आमजन ही नहीं बल्कि व्यापारी व फुटकर दुकानदार से लेकिन चिकित्सक समेत हर वर्ग कोरोना से बचाव की गाइडलाइन का अनुसरण कर रहे हैं। कई ने तो कोरोना से खुद को व दूसरों को सुरक्षित रखने के लिए अनूठे तरीके अपनाए हैं।

सामने बैठाकर फोन पर दे रहे परामर्श
तलवंडी क्षेत्र में होम्योंपैथिक चिकित्सक आर के स्वामी ने कोरोना से बचाव के लिए अपनी क्लिनिक पर रोगियों को देखने के लिए अनूठा तरीका निकाला है ताकि उनके व रोगियों के बीच सोशल दो गज दूरी बनी रहे। वह अपने केबिन से दरवाजे पर ग्लास से रोगी को देख रहे हैं। आमने-सामने बैठकर भी वे रोगी से फोन से बात कर जानकारी लेकर परामर्श दे रहे हैं। आवश्यकता पडऩे पर रोगियों की जांच की रिपोर्ट को भी मोबाइल पर ही देख रहे हैं। सेनेटाइजेशन का ध्यान भी रखा जा रहा है। डॉ. स्वामी बताते हैं कि अभी कोरोना गया नहीं हैं। दो गज दूरी व मास्क से ही हम कोरोना से सुरक्षित रह सकते हैं। हम रोगियों को भी यही समझाते हैं। - डिस्पोजेबल क्लॉथ का कर रहे इस्तेमालअनलॉक में सैलून खुलने की अनुमति मिलने के बाद ज्यादातर संचालकों ने कोरोना से बचाव के माकूल इंतजाम किए हंै। इंद्रा विहार स्थित एक सैलून पर काम करने वाले अब्दुल खालिक ने बताया कि महामारी के बाद से ही ग्राहकों को बड़ी सावधानी से सेवा प्रदान की जा रही है। उन्हें पहले सैनिटाइज किया जाता है। आम दिनों में हेयर कटिंग के समय दी जाने वाली पोशाक की जगह डिस्पोजेबल और वाटर प्रूफ क्लॉथ दिया जाता है, ताकि संक्रमण का खतरा न हो। हर २ घंटे में फ्लोर और औजारों के सेनेटाइजेशन के बाद ही काम में लिया जाता है।

एक बार में 5 को ही प्रवेश कोरोनाकाल में जिम और फिटनेस सेंटर की रंगत भी बंदली नजर आती है। जिम संचालक अमित चतुर्वेदी बताते हैं कि सेहत बनाने के दौरान लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो , इसके पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। हर बैच में केवल ५ लोगों को ही प्रवेश दिया जाता है। वर्कआउट सेशन के तुरंत बाद इक्वीपमेंट और फ्लॉर को सेनेटाइज किया जाता है। टेम्परेचर और ऑक्सीजन लेवल की जांच के बिना किसी को प्रवेश नहीं दिया जाता। - नो मास्क-नो मेडिसिन शहर के कई मेडिकल स्टोर नो मास्क नो एंट्री की तरह पर नो मास्क नो मेडिसिन की तर्ज पर काम कर रहे हैं। शहर के ज्यादातर स्टोर ने २ गज की दूरी की पालना कराने के लिए रस्सी लगाई हुई है। बसंत विहार स्थित स्टोर संचालक संजय सोनी ने बताया कि पूरे लॉकडाउन में मेडिकल स्टोर खुले रहे, विपरित परिस्थितयों में स्वंय और ग्राहक की संक्रमण से बचाए रखना चुनौतीपूर्णं काम रहा लेकिन सभी संचालक पहले दिन से सोशल डिस्टेंसिंग के गोले बनाकर गाइडलाइन की पालना कर रहे हैं।

Haboo Lal Sharma
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