सुनो सरकार... फिर सांसों पर संकट, सिलेण्डरों पर निर्भर हो गया कोविड अस्पताल

ऑक्सीजन की किल्लत का सामना कर रहे कोविड अस्पतालों में फि र संकट गहरा गया है। राज्य सरकार की ओर से नियमित लिक्विड ऑक्सीजन टैंक मंगलवार को भी नहीं आने से अस्पताल एक बार फिर सिलेण्डरों पर निर्भर हो गया है।

 

By: Abhishek Gupta

Updated: 11 May 2021, 02:23 PM IST

कोटा. ऑक्सीजन की किल्लत का सामना कर रहे कोविड अस्पतालों में फि र संकट गहरा गया है। राज्य सरकार की ओर से नियमित लिक्विड ऑक्सीजन टैंक मंगलवार को भी नहीं आने से अस्पताल एक बार फिर सिलेण्डरों पर निर्भर हो गया है। सिलेण्डरों की रिफलिंग कर मरीजों को चढ़ाई जा रही है। इससे अस्पताल में मारामारी की स्थिति चल रही है। मरीज एक-एक सांस गिन रहा है। अस्पताल ऑक्सीजन प्लांट्स पर निर्भर हो गया है। जबकि एसएसबी ब्लॉक में पहले से 900 सिलेण्डरों पर निर्भर है। ऐसे में नवीन चिकित्सालय भी सिलेण्डरों पर निर्भर होने से यहां भी रोज के करीब 900 सिलेण्डरों की जरुरत पड़ेगी ऐसे में देर रात से ही मरीज सिलेण्डरों पर निर्भर हो गए है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन सरकार की ओर से आने वाले टैंकर पर निगाहें लगाया हुआ है। जिला प्रशासन व मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अधिकारियों व चिकित्सकों की भी सांसे अटकी पड़ी है। वहीं, दूसरी ओर यदि कोविड अस्पताल को प्लांट्स से सिलेण्डरों की सप्लाई होगी तो निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की सप्लाई में कमी आ सकती है। ऐसे में वहां भर्ती मरीज भी संकट में गहरा गए है।

एक टैंकर जयपुर भेजने से संकट आ गया
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से करीब 28.56 मीट्रिक टन अतिरिक्त ऑक्सीजन कोटा को मिली थी, लेकिन इसके बाद राज्य सरकार ने दो दिन तक नियमित रूप से आने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति रोक दी। कोटा के लिए 28.56 मीट्रिक टन गैस गत गुरुवार को पहुंची थी। इसके बाद राज्य सरकार ने शुक्रवार और शनिवार को ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं की। इसके बाद रविवार को सुबह 19 मीट्रिक टन तरल ऑक्सीजन ट्रैंकर आया, लेकिन सोमवार को फि र ऑक्सीजन का टैंकर कोटा को नहीं मिला। इससे संकट खड़ा हो गया। इसके अलावा जामनगर से गत शुक्रवार को ऑक्सीजन एक्सप्रेस से तीन टैंकर में करीब 40 मीट्रिक टन तरल ऑक्सीजन आई थी। इनमें से एक टैंकर झालावाड़ और एक जयपुर चला गया। यदि एक टैंकर जयपुर नहीं भेजा जाता तो कोटा संभाग को कई दिनों तक राहत मिली होती। इस टैंकर को जयपुर भेजने के साथ ही कोटा को तीन दिनों तक ऑक्सीजन टैंकर नहीं भेजने से संकट और गहरा गया।

550 से अधिक मरीज ऑक्सीजन पर
कोटा मेडिकल कॉलेज का कहना है कि कोविड अस्पताल मेें कुल 603 मरीज भर्ती है। इनमें से 572 मरीज ऑक्सीजन पर है। ऐसे में कोविड अस्पताल में रोजाना करीब 10 टन लिक्विड ऑक्सीजन की जरुरत है। इनमें से 7 टन रोजाना ऑक्सीजन की जरुरत पड़ती है। 3 टन बैकअप में रखना पड़ता है, तब जाकर कुछ राहत रहती है।

Abhishek Gupta
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