4000 संतरे के पौधों की पत्तियों को चट गया टिड्डी दल

नौ घण्टे चला ऑपरेशन में 70 फीसदी टिड्डियों के खात्मे का दावे

By: Ranjeet singh solanki

Published: 01 Jun 2020, 10:28 PM IST

कोटा। जिले के चेचट क्षेत्र में टिड्डी दल के हमले Locust attack in rajasthan से करीब चार हजार संतरे के पेड़-पौधों की पत्तियां चट कर गई है। कृषि विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने रातभर ऑपरेशन चलाकर दवा का छिड़काव किया। कृषि विभाग ने दावा किया है कि करीब 70 फीसदी टिड्डी दल के खात्मे हो गया है। बचा हुआ टिड्डी दल दोपहर बाद मध्यप्रदेश की ओर रूख कर गया है। इससे अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक रामावतार शर्मा ने बताया कि चेचट क्षेत्र में डेढ़ किलोमीटर लम्बा और पांच सौ मीटर चौड़़ा टिड्डी दल संतरे के पेड़-पौधे पर रविवार रात आठ बजे आ जमा था। उन्होंने बताया कि रात एक बजे कृषि विभाग के अधिकारियों तथा रामगंजमंडी के उपखण्ड अधिकारी व तहसीलदार के निर्देशन में नियंत्रण का काम शुरू किया गया है। सबसे ज्यादा प्रकोप सारोला के गांव में देखने को मिला। सबसे पहले यहां ही नियंत्रण का काम शुरू किया था। इसमें चितौडगढ़़ से मंगवाई तीन बड़ी स्प्रे मशीनें, पांच ट्रैक्टर टैंकर तथा रामगंजमंडी नगर पालिका की दो दमकलों की मदद से दवा का छिड़काव किया गया है।

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27 अधिकारियों व कर्मचारियों ने रात एक बजे से नियंत्रण का काम शुरू किया था, जो सुबह 8.30 बजे तक चला। संयुक्त निदेशक ने दावा कि दवा के स्प्रे से 70 फीसदी टिड्डी दल खत्म हो गया है। दोपहर बाद टिडडी दल मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश कर गया है। उप निदेशक रामनिवास पालीवाल व सहायक निदेशक राजस्थान की सीमा पर डेरा डाले हुए हैं। संतरे के पेडों को बचाने के लिए किसान रातभर जुटे रहे। किसी ने बर्तन बजाए तो किसी ने पटाखे फोड़े साथ ही लाउडस्पीकर बजाकर टिड्डी भगाने का काम किया। किसानों का कहना है कि रामपुरिया, हाथीखेड़ा, बक्शपुरा, घाटौली, खेड़ली, मनोहरपुरा सहित आसपास के गांवों में शाम 4 बजे तक टिड्डियां खेतों में डेरा डालीे हुए थी।

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