लोकसभा अध्यक्ष की पहल पर किसानों को मिल रहा है लाभकारी खेती का ज्ञान

ऑनलाइन संवाद में विशेषज्ञों ने सोयाबीन फसल के बारे में बताया

By: Ranjeet singh solanki

Published: 05 Sep 2020, 09:58 PM IST

कोटा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर देश के नामी कृषि अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञों ने शनिवार को कोटा और बूंदी के किसानों तथा कृषि विभाग के अधिकारियों और वैज्ञानिकों से संवाद कर सोयाबीन फसल प्रबंधन के बारे में बताया। कैसे अधिक उत्पादन किया जा सकता है, कीट प्रबंधन कैसे किया जाए आदि पहलुओं पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी। बिरला को किसानों ने सोयाबीन फसल में कीट प्रकोप की जानकारी दी थी। बिरला ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान इंदौर के अधिकारियों से बात कर दोनों राष्ट्रीय संस्थानों के कृषि विशेषज्ञों ने शनिवार को सोयाबीन के रोगों का प्रबंधन और जलवायु प्रतिरोधी कृषि प्रथा विषय पर वर्चुअल माध्यम से कोटा-बूंदी सहित संभाग के कृषि अधिकारियों और किसानों से बात की। आईसीएआर आईआईएसआर की निदेशक डॉ. नीता खांडेकर और अन्य कृषि वैज्ञानिकों ने कोटा बूंदी क्षेत्र में सोयाबीन की खेती में आने वाली विभिन्न चुनौतियों के बारे में किसानों के साथ विस्तृत चर्चा की। कोटा के संयुक्त निदेशक रामवतार शर्मा ने बताया कि संभाग में 7 लाख 25 हजार हैक्टेयर की बुआई हुई है, जिसमें तापमान अधिक होने एवं कम वर्षा के कारण रोग व कीट का अधिक प्रकोप रहा। संयुक्त निदेशक ने संभाग में रोग के संबध में समस्याओं को साझा करते हुए गत तीन वर्षों में सोयाबीन के कम उत्पादन होने कि जानकारी देते हुए उत्पादन को बढ़ाने के लिए आईआईएसआर के अधिकारियों से सुझाव मांगे। वेबिनार में क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान डॉ. नाथूलाल मीणा,अनुसंधान निदेशक प्रताप सिंह, कीट वैज्ञानिक डॉ. वी.के. पाटीदार, पौधव्याधि वैज्ञानिक डॉ. सीपी मीणा सहित संभाग के कृषि उपनिदेशक एवं प्रगतिशील किसान जुड़े हुए थे। विभाग से जुड़े सभी ने इस नवाचार के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का आभार व्यक्त किया।

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