
नगर निगम शहर में मकानों की छतों पर लगे होर्डिंग्स का किराया नहीं वसूल पा रहा। शहर में मकानों की छतों पर करीब 350 होर्डिंग्स अवैध रूप से लगे हुए हैं।
मजेदार बात यह है कि इनमें से जो विज्ञापन एजेंसियां मकानों की छतों पर लगे अपने होर्डिंग्स के किराए के बदले निगम के राजस्व अनुभाग में चेक भेज रही हैं, वे चेक भी राजस्व अनुभाग की फाइलों में धूल खा रहे हैं। राजस्व अनुभाग में एेसे करीब 30 लाख रुपए के चेक पड़े हुए हैं, जिन्हें अब तक निगम के एकाउंट में जमा नहीं कराया गया। इनमें से कई चेक तो एेसे हैं जिनकी एक्सपायर डेट तक निकल चुकी है। जानकारों के अनुसार राजस्व अनुभाग में एेसे चेक जानबूझकर निगम के खाते में जमा नहीं किए जा रहे, ताकि संबंधित विज्ञापन एजेंसियों को आर्थिक लाभ पहुंचाया जा सके।
राजस्व समिति अध्यक्ष महेश गौतम लल्ली ने स्वीकार किया कि शहर में करीब 350 अवैध होर्डिंग्स विभिन्न इलाकों में मकानों की छतों पर लगे हैं।
निगम के पूर्व बोर्ड में मकानों की छतों पर होर्डिंग्स लगाने के लिए 25 विज्ञापन एजेंसियों को स्वीकृति दी गई थी। इनको 50 रुपए प्रति वर्ग फीट की दर से होर्डिंग्स लगाने का किराया देना था।
हर वर्ष 10 फीसदी किराया राशि भी बढ़ाई जानी थी। राजस्व समिति ने इस दर को कम मानते हुए दरें बढ़ाने के लिए फाइल चलाई। इसे निगम बोर्ड की बैठक में भी रखा, लेकिन फाइल को अब तक मंजूरी नहीं मिली।
राजस्व समिति दरें तय नहीं हो पाने से अब तक इन साइटों से किराया नहीं वसूल पा रही। जो भी एजेंसियां पुरानी दर से चेक निगम के राजस्व अनुभाग को भेज रही हैं, उन्हें भी स्वीकार नहीं किया जा रहा, ताकि उनसे बढ़ी हुई दर से राशि वसूली जा सके। लल्ली ने बताया कि इस मामले में फिर से प्रस्ताव बनाकर नए आयुक्त को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। जल्द ही नई दरें तय होने की उम्मीद है, इसके बाद सभी एजेंसियों से एक साथ पूरा किराया वसूला जाएगा।
Published on:
12 Mar 2017 12:31 pm
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