महाराष्ट्र में Plastic ban लेकिन Rajasthan के इस शहर में आज भी रोजाना निकल रहा 75 टन Poly waste

महाराष्ट्र में Plastic ban लेकिन Rajasthan के इस शहर में आज भी रोजाना निकल रहा  75 टन Poly waste

Shailendra Tiwari | Updated: 25 Jun 2018, 07:42:49 PM (IST) Kota, Rajasthan, India

हर साल दुनिया 500 अरब प्लास्टिक बैग का उपयोग करती है

 

कोटा. प्लास्टिक के इस्तेमाल से बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरण के खतरे को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में प्लास्टिक के इस्तेमाल को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। ये नया नियम शनिवार से लागू कर दिया गया है। गौरतलब है कि इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम भी beat plastic pollution रखी गई थी। महाराष्ट्र सरकार ने बैन के पहले दिन प्लास्टिक का इस्तेमाल कर रहे व्यापारियों और दुकानदारों पर शिकंजा कसते हुए कुल 163 लोगों से 8,15,000 रुपए का जुर्माना वसूला।

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एक और जहां महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले का आम लोगों ने स्वगत किया वहीं दूसरी और कोटा में आज भी हम रोजाना 75 टन प्लास्टिक वेस्ट पैदा कर रहे है।

दरअसल यदि हम रोज निकलने वाले कचरे में प्लास्टिक वेस्ट को देखे तो औसतन 50 ग्राम प्लास्टिक हर घर से निकलता है इसी को यदि पुरे कोटा शहर की आबादी जो लगभग 15 लाख है के अनुसार देखे तो यह आंकड़ा 75000 किलो हो जाता है । प्लास्टिक को डिकंपोज होने में कई वर्षो का समय लग जाता है साथ ही प्लास्टिक की रिसाइकलिंग भी स्वास्थय के लिए हानिकारक है।

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प्लास्टिक से जुड़े कुछ तथ्य
हर साल दुनिया 500 अरब प्लास्टिक बैग का उपयोग करती है।
हर साल महासागरों में कम से कम 8 मिलियन टन प्लास्टिक फेंका जाता है।
हर मिनट इतना कचरा होता है कि एक पूरा ट्रक भर जाए ।
हम हर मिनट 1 मिलियन प्लास्टिक की बोतलें खरीदते हैं जो कि हमारे द्वारा बनाए गए प्लास्टिक वेस्ट का 10 फीसदी है ।


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यदि यह सब ऐसे ही चलता रहा तो जो स्थिति आज जीव जन्तुओं की है वो कल हमारी भी होगी इसीलिए हमें आज ही संकल्प लेना है कि हम प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे तभी हम पर्यावरण को और आने वाले कल को सुरक्षित कर सकते है । पर्यावरण को बचाने के लिए हम सभी को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे । महाराष्ट्र की राजधानी की कुल जनसंख्या करीबन २ करोड़ है इस लिहाज से कोटा की १५लाख की आबादी बेहद की कम है। अगर देश की कर्मशियल सिटी प्लास्टिक के खिलाफ एकजूट हो सकती है तो शिक्षानगरी पीछे क्यों रहे।

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