मेडिकल कॉलेज: 100 बेड का डे केयर सेंटर खुला

कोटा के कोरोना से हालात बेकाबू हो चुके है। कोविड अस्पताल में संसाधन कम पडऩे लगे है। कोविड अस्पताल फु ल हो चुका है। यहां 750 क्षमता के विपरित 610 मरीज भर्ती है। अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या दुगुनी हो चुकी है।

 

By: Abhishek Gupta

Published: 19 Apr 2021, 11:41 AM IST

कोटा. कोटा के कोरोना से हालात बेकाबू हो चुके है। कोविड अस्पताल में संसाधन कम पडऩे लगे है। कोविड अस्पताल फु ल हो चुका है। यहां 750 क्षमता के विपरित 610 मरीज भर्ती है। अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या दुगुनी हो चुकी है। पिछले साल कुल 351 मरीज भर्ती थे। इस साल अप्रेल में ही 610 मरीज भर्ती हो चुके है। ऐसे में एमबीएस अस्पताल में कोविड डे केयर सेंटर शुरू किया गया। मेडिकल कॉलेज में भी 100 बेड का एग्जाम हॉल को रिर्जव कर उसमें भी कोविड डे केयर सेंटर खोला गया।
कोटा मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना ने बताया कि एमबीएस अस्पताल में 48 बेड कोटेज व 30 बेड आर्थोमॉलोजिकल में रिजर्व किए है। कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए बेड नहीं होने से कोटा मेडिकल कॉलेज के एग्जाम हॉल को कोविड के लिए रिजर्व किया गया है। यहां दो हॉल में 50-50 बेड रिजर्व किए गए है। यहां यह हॉल शुरू हो गया। नए अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में 12 बेड पर मॉनिटर लगवाए है, ताकि आईसीयू बेड हो सके। जबकि एमबीएस अस्पताल में संचालित मनोचिकित्सा व स्कीन विभाग को रामपुरा जिला अस्पताल में शिफ्ट किया गया। एमबीएस अस्पताल अधीक्षक डॉ. नवीन सक्सेना ने बताया कि इस सेंटर पर ऐसे मरीज रखे जाएंगे, जिनकी ऑक्सीजन सेचुरेशन ठीक है। हमारे पास हाई फ्लो ऑक्सीजन की सुविधा नहीं है। हाल ही में 100 सिलेण्डर का ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। सेंटर पर डॉक्टर व स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई है। जबकि एमबीएस अस्पताल में संचालित मनोचिकित्सा व स्कीन विभाग को रामपुरा जिला अस्पताल में शिफ्ट किया गया।

कोविड अस्पताल फु ल
नए अस्पताल अधीक्षक डॉ. सीएस सुशील ने बताया कि अस्पताल में 750 क्षमता के विपरित 610 मरीज भर्ती है। वर्तमान में 109 आईसीयू बेड है, वे सब फुल है। वैसे भी एसएसबी ब्लॉक में भी कुछ ही बेड बचे है। अस्पताल में 350 से अधिक मरीज ऑक्सीजन पर चल रहे है। ऐसे में प्रतिदिन 1400 सिलेण्डर रोजाना की खपत हो रही है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार पहली बार ऐसा मौका आया। जबकि ऑक्सीजन सिलेण्डरों की इतनी खपत बड़ी है। इसके अलावा निजी अस्पताल भी फुल चल रहे है। सुधा अस्पताल के निदेशक डॉ. पलकेश अग्रवाल का कहना है कि इमरजेंसी में मरीजों की वेटिंग चल रही है। किसी मरीज के डिस्चार्ज होने के बाद ही बड़ी मुश्किल से मरीजों को जगह मिल पा रही है।

Abhishek Gupta
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned