चम्बल की धरा में और खूबसूरती को चार चाँद लग सकते है, गर गौर लिया इन बातों को

Suraksha Rajora

Publish: Mar, 11 2019 10:36:33 PM (IST)

Kota, Kota, Rajasthan, India

कोटा. भारतीय सांस्कृतिक निधि इंटेक कोटा अध्याय की साधारण सभा की बैठक सोमवार को किशोर सागर तालाब स्थित बारहदरी पर आयोजित हुई। इसमें धरोहर संरक्षण संबंधी विषयों पर सदस्यों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इन प्रस्ताव व सुझाओं को इंटेक सरकार के साथ साझा करेगा।
इंटेक के समन्वय निखिलेश सेठी ने बताया कि जगमंदिर का निरीक्षण किया गया। इसमें पाई गई कमियों पर चर्चा की गई।

 

ऐतिहासिक परकोटा और दरवाजों की मरम्मत व सौंदर्यीकरण, चम्बल शुद्धीकरण की ठोस कार्ययोजना, ज्वालातोप का संरक्षण, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के पर्यटन विकास, स्मार्ट सिटी में धरोहर संरक्षण के साथ ही पर्यटन विकास के अनेक सुझाव दिए गए।

 

परकोटे को लेकर वक्ताओं ने कहा कि कोटा का परकोटा काफी खूबसूरत है, लेकिन अनदेखी के कारण धरोहर धूमिल हो रही है। दरवाजे भी बदहाल हैं। जगमंदिर के सिर पर लगे साइन बोर्ड को लेकर बताया कि यहां लगा साइन बोर्ड इसकी शोभा को कम कर रहा है। बोर्ड को इस तरह से लगाया जाए कि इसका सौन्दर्य फीका न पड़े। सह समन्वयक बहादुरसिंह हाड़ा ने बताया कि चम्बल की हालत खराब हो रही है। इसके संरक्षण की दरकार है।

 

 

इसमें गिरने वाले नालों को रोकना होगा। बैठक में राज्य के सह समन्वयक वरिष्ठ सदस्य ठाकुर रणवीर सिंह, इतिहास विज्ञ डॉ. जगत नारायण, पूर्व वायुसेना अधिकारी आरपी भटनागर, डॉ. हुकमचंद जैन, पूनम मेहता, डॉ. सुषमा आहूजा, डॉ. सुसेन राज, फिरोज अहमद, घनश्यामदास मोहता, एएच जैदी, केएम प्रधान, तरूमीतसिंह बेदी, शुभम लोढ़ा, डॉ. मुक्ति पाराशर, डॉ. कृष्णेंद्र सिंह, गौरव सेन झाला, पीयूष जैन, बनवारी युदवंशी, रवि जैन, अभय सिंह, अभिनंदन, एकता, आदित्य सेठी आदि ने सुझावों में स्मार्ट सिटी में जन भागीदारी पर जोर दिया। बैठक का संचालन बृजेश विजयवर्गीय ने किया।

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